दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक 30 जून से शुरू होने जा रही दाखिला प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे। बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) की आम सभा में सर्व सम्मति से शिक्षकों ने इस फैसले पर मुहर लगा दी। आम सभा के बाद शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय तक मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।
उल्लेखनीय है कि बीते कई दिनों से शिक्षक मूल्यांकन प्रक्रिया का बहिष्कार किए हुए हैं। हालांकि तीसरे वर्ष के छात्रों को राहत देते हुए शिक्षकों ने इन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुुुरू कर दिया था। अब शिक्षकों के दाखिला प्रक्रिया का बहिष्कार करने से इसका प्रभाव छात्रों के दाखिलों पर पड़ेगा।
डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण के मुताबिक शिक्षकों की मांग है कि यूजीसी गजट अधिसूचना व एपीआई स्कीम को पूरी तरह से वापस लिया जाए। वहीं एससी-एसटी, पीडब्ल्यूडी शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति में सही रोस्टर का पालन हो। साथ ही वर्ष 2009 से पहले पीएचडी के लिए पंजीकृत पीएचडी धारकों को नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) से एक बार छूट दी जाए।
आम सभा में तय किया गया कि प्रत्येक कॉलेज में स्टाफ एसोसिएशन 30 जून से 2 जुलाई तक छात्रों व अभिभावकों को पंफ्लेट बांटेंगी। वहीं चार जुलाई को कनॉट प्लेस व आईटीओ पर एलईडी कैंडल लाइट विजिल निकाला जाएगा। 7 जुलाई को उत्तरी परिसर स्थित कला संकाय के बाहर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आगामी 9 जुलाई को आगे की रणनीति तय करने और समीक्षा करने के लिए डूटा की कार्यकारिणी की बैठक होगी।