दिल्लीवासियों को एक और तकनीकी विश्वविद्यालय का तोहफा मिल गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त नेताजी सुभाष तकनीकी संस्थान अब नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बन गया है और बुधवार से कामकाज शुरू हो जाएगा।
खास बात यह है कि अभी तक यहां 37 सौ सीट थी, जोकि विश्वविद्यालय बनने के बाद उसकी संख्या 12 हजार होगी। संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर जेपी सैनी के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बुधवार को विश्वविद्यालय का उद्घाटन करेंगे। अब इंजीनियरिंग के छात्रों को दिल्ली के बाहर बीटेक या उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। विश्वविद्यालय बनने के बाद करीब 83 सौ सीटों की बढ़ोतरी होगी।
रोजगार के अलावा आम लोगों से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने पर आधारित शोध पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा मार्केट डिमांड के आधार पर बीटेक प्रोग्राम शुरू करने और मॉडल पाठ्यक्रम बनाने पर काम होगा। रिसर्च व रोजगार को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों की नियुक्ति होगी। भारत समेत अन्य देशों के विश्वविद्यालयों के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। प्रो. सैनी के मुताबिक, अगले सत्र से सीट की बढ़ोतरी के अलावा एमएससी प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा। बीटेक व एमटेक में नए प्रोग्राम शुरू होंगे। पीएचडी में भी नए विषय शामिल किए जाएंगे।