विश्वविद्यालयों में दाखिले की सौ फीसदी कटऑफ खत्म करने के लिए केंद्र सरकार की मॉडरेशन पॉलिसी खत्म करने की योजना को अदालत से झटका लगा है। अब इस फैसले से सीबीएसई और 25 राज्यों (जिनका बोर्ड परिणाम जारी नहीं हुआ है या फिर उन्होंने मॉडरेशन पॉलिसी का लाभ छात्रों को दिया है) के शिक्षा बोर्डों के छात्रों को तो मॉडरेशन पॉलिसी का लाभ मिलेगा, लेकिन उन छह राज्यों के छात्रों का अब क्या होगा, जहां मॉडरेशन पॉलिसी खत्म होने से रिजल्ट में 14 फीसदी तक गिरावट आई है।
एडमिशन में सबसे ज्यादा दिक्कत पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान के छात्रों को होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उच्च शिक्षा में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डीयू जैसे विश्वविद्यालयों की सौ फीसदी कटऑफ को रोकने के लिए मॉडरेशन पॉलिसी खत्म करने का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत सीबीएसई से की जा रही थी। सीबीएसई 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी करने की तैयारी में लगा है।
हालांकि दो दिन पहले ही मॉडरेशन पॉलिसी एक साल तक जारी रखने के निर्देश के कारण अब छात्रों को पुरानी योजना के तहत 10 से 25 अतिरिक्त अंकों का लाभ मिल जाएगा। हालांकि अभी तक पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश व राजस्थान शिक्षा बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर रखा है।
इन राज्यों के शिक्षा बोर्ड ने मॉडरेशन पॉलिसी के तहत छात्रों को अतिरिक्त अंकों की छूट नहीं दी है। बता दें कि केंद्र सरकार की अप्रैल में हुई बैठक में 31 राज्यों के शिक्षा बोर्ड ने भी मॉडरेशन पॉलिसी खत्म करने में सहयोग देने की बात पर हामी भरी थी।