दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने निजी स्कूलों की ओर से मनमाने ढंग से फीस वसूलने के मामले में दिल्ली सरकार पर तीर छोड़ा। इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट के आए फैसले का सहारा लिया है।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया अभिभावकों को निजी स्कूलों से वसूली गई मनमानी फीस वापस कराए। हाईकोर्ट के आदेश के तहत स्कूलों के लिए फीस वृद्धि करने से पहले सरकार की अनुमति लेना जरूरी है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को बढ़ी हुई फीस वापस लौटाने के संबंध में सभी निजी स्कूलों को आदेश देने का अधिकार दे दिया है। इतना ही नहीं, दिल्ली सरकार फीस नहीं लौटाने वाले स्कूलों की मान्यता समाप्त करे।
क्योंकि दिल्ली सरकार निरंतर आरोप लगा रही थी कि निजी स्कूल मनमानी फीस वृद्धि करके आम जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं। सरकार के हाथ बंधे हैं, वह इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती है। मगर अब कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के पास बहाना नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों ने लगभग 400 करोड़ रुपये फीस वृद्धि करके अभिभावकों से वसूले हैं। यह पैसा अभिभावकों को वापस लौटाने का आदेश हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में गठित कमेटियां पहले से ही दे चुकी हैं।
जस्टिस अनिल देव सिंह कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा था कि निजी स्कूल विशेष परिस्थितियों में ही अधिकतम 10 प्रतिशत फीस वृद्धि कर सकते हैं, लेकिन अनेक निजी स्कूलों ने 40 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि करके अभिभावकों को जमकर लूटा है। अब दिल्ली सरकार यह पैसा वापस दिलाए।