आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। दाखिला प्रक्रिया में देरी से नाराज विभाग ने खाली सीटों का ब्यौरा नहीं देने वाले निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। ऐसे स्कूलों को जल्द ही कारण बताओ नोटिस भेजे जाएंगे।
शिक्षा निदेशालय लगातार निजी स्कूलों से सीटों का ब्योरा मांग रहा है लेकिन स्कूल संचालक इससे कन्नी काट रहे हैं। जिले में करीब 200 ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने अभी तक सीटों का ब्योरा नहीं दिया है।
इनमें सीबीएसई और हरियाणा बोर्ड के स्कूल शामिल हैं। बता दें, निजी स्कूल संचालक नियमों को दरकिनार कर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को दाखिला देने से हाथ पीछे खींच रहे हैं।
पिछले वर्ष तो दाखिला देने से ही इनकार कर दिया गया था। दाखिला न मिलने पर अभिभावकों ने स्कूलों की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की थी।
नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में 10 प्रतिशत सीटों पर इडब्ल्यूएस को स्कूलों में दाखिले का प्रावधान है। इसको ध्यान में रख इस बार शिक्षा विभाग ने स्कूलों से सीटों का ब्यौरा मांगा था। इसको लेकर कई बार रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं।