लखनऊ विश्वविद्यालय के बीबीए, बीबीए इंटनेशनल बिजनेस और बीबीए मैनेजमेंट साइंसेज कोर्स में दाखिला ले चुके अभ्यर्थियों को अपना कोर्स बदलने का अवसर दिया जाएगा।
दो जुलाई को विवि की एकेडमिक काउंसिल में बीबीए के चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम पर आधारित नए कोर्स को हरी झंडी दी गई। उस कोर्स का संचालन भी इसी सत्र से किया जाना है।
उसके लिए विवि ने यह निर्णय लिया कि पूर्व में जिन अभ्यर्थियों ने बीबीए और बीकॉम ऑनर्स की काउंसलिंग में हिस्सा लिया, लेकिन प्रवेश नहीं पा सके उन्हीं को मेरिट से बुलाकर इसकी सीटें भरी जाएं। करीब एक हजार अभ्यर्थी ऐसे हैं जो विवि में बीबीए और बीकॉम ऑनर्स में प्रवेश नहीं पा सके थे।
मगर, इसके बाद यह सवाल उठा कि जब नया कोर्स बीबीए का ही है तो क्यों नहीं उसमें ऊंची मेरिट वाले उन अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जाए जो विवि में दाखिला ले चुके हैं। इसी को देखते हुए विवि अब उन अभ्यर्थियों को मौका देगा कि यदि कोई वहां का प्रवेश छोड़कर बीबीए सीबीसीएस में दाखिला चाहता है तो आ सकता है।
विवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि कोर्स परिवर्तन के लिए प्रवेश पा चुके अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। फिलहाल नए कोर्स में काउंसलिंग की तिथियां तय नहीं हैं। एक-दो दिन में ही इन पर निर्णय लेकर जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बीबीए के इस नए कोर्स में 60 सीटों पर दाखिले किए जाने हैं।