दिल्ली सरकार ने मंगलवार को फर्जी स्टिकर के खिलाफ अभियान चलाया। इनफोर्समेंट में लगी टीम को शाम तक एक भी फर्जी स्टिकर का केस नहीं मिला। परिवहन मंत्री गोपाल राय भी जांच प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए सड़क पर उतरे। दरअसल, सम विषम फॉर्मूले में सीएनजी वाहनों को छूट मिली है। आईजीएल से जारी सीएनजी स्टिकर ही मान्य है। सम विषम के फेज दो में यह स्टिकर सिर्फ लोधी रोड सीएनजी पंप स्टेशन पर बांटे गए।
दोनों फेज को मिलाकर कुल 4.10 लाख स्टिकर बांटे जा चुके हैं। मंगलवार दिनभर चले जांच में कोई भी फर्जी स्टिकर नहीं मिला है। परिवहन मंत्री गोपाल राय ने गीता कॉलोनी स्थित पुश्ता रोड और आईटीओ पर अपनी मौजूदगी में वाहनों को रुकवाकर इसकी जांच की। मगर एक भी स्टिकर फर्जी नहीं निकला।
परिवहन मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सम विषम की शुरुआत में फर्जी स्टिकर को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसी को ध्यान में रखकर अभियान चलाया गया। आगे भी जांच जारी रहेगी। पकड़े गए लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सम-विषम पर रशिया की टीम आज दिल्ली मेट्रो में करेगी सफर
सम-विषम का असर
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
प्रदूषण को कम करने के इरादे से शुरू सम-विषम की सफलता देश ही नहीं, विदेशियों को भी आकर्षित कर रही है। दिल्ली जैसे भीड़ वाले शहर में सम-विषम कैसे काम कर रहा है, इसकी जानकारी लेने के लिए मंगलवार को रशियन प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री गोपाल राय से मिला। उनसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जानकारी ली।
राय ने सम-विषम पर विदेशी मेहमानों को टिप्स देते हुए बुधवार को दिल्ली मेट्रो, डीटीसी और आईएसबीटी कश्मीरी गेट घुमाने का वादा किया। दिल्ली सचिवालय में मंगलवार देर शाम रशियन टीम सरजे एंड्रेकिन की अध्यक्षता में परिवहन मंत्री से मिली।
गोपाल राय ने इस मौके पर विदेशी मेहमानों को सम-विषम फार्मूले को सफल करने वाली एजेंसी दिल्ली मेट्रो, डीटीसी, पुलिस और ट्रांसपोर्ट इंफोर्समेंट दस्ते के अधिकारियों से भी मिलवाया। विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि सम-विषम पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। क्योंकि, अधिकतर देशों में यह असफल रहा है।