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शहीद दरोगा का परिवार गुस्से में, सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा

Wed, 27 Apr 2016 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
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घर में छाया मातम - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
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दादरी में बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा अख्तर खान का परिवार गम और गुस्से में डूबा हुआ है। वह साथियों की साजिश से अख्तर को मरवाने का आरोप लगा रहा है और किसी मीडिएटर से वार्ता तक को तैयार नहीं है। परिवार का साफ-साफ कहना है कि जब तक सीबीआई जांच से घटना का सच सामने नहीं आएगा, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। चाहे इसके लिए दादरी या लखनऊ में फर्श बिछा कर धरना क्यों न देना पड़े।
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सोमवार शाम अख्तर खान का शव दफनाने के बाद परिजनों में इस मसले पर राय सुमारी हुई और मंगलवार सुबह तीन भाइयों में सबसे छोटे समीर को दादरी अख्तर खान का सामान लेने भेजा गया।वहां चौकी पर अख्तर की कार व अन्य सामान रखा हुआ था।

इधर, नगला पटवारी स्थित घर पर दिन भर लोगों की आवाजाही बनी रही। महिलाओं का हाल बेहाल रहा। इस बीच अमर उजाला से बातचीत में अख्तर के भाई यामीन ने इतना ही कहा कि वह इस बात को कतई मानने को तैयार नहीं हैं कि अख्तर की मौत सामान्य मुठभेड़ में हुई है। जब कोतवाल को पता था कि शातिर बदमाश छिपा है तो वहां खुद क्यों नहीं गया और गोली चलते ही पुलिस टीम अख्तर को छोड़कर क्यों भाग आई। इसके दो घंटे बाद पुलिस टीम मौके पर।
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हमारी एक ही मांग है कि हकीकत सामने लाई जाए

- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
यह सब अख्तर को कोतवाल द्वारा मरवाने की साजिश का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि हकीकत सामने लाई जाए। चाहे इसके लिए सीबीआई से जांच क्यों न कराई जाए। उन्होंने दादरी जाने के सवाल पर कहा कि अभी तो छोटे भाई समीर को अख्तर का सामान लाने भेजा गया है। आज रात को सभी परिजन एक साथ बैठेंगे और इस मुद्दे पर आगे आवाज उठाने की रणनीती बनाई जाएगी।

मुआवजे आदि के मसले पर कहा कि हम किसी मीडिएटर से इस मसले पर वार्ता नहीं करेंगे। हमारी सीधी सीधी मांग है कि पहले हकीकत सामने आए। इसके लिए सरकार या पुलिस महानिदेशक से ही वार्ता होगी। मुआवजा हमारे लिए मायने नहीं है। रो-रोकर बेहाल अख्तर की पत्नी रजिया बेगम के मुंह से बोल नहीं निकल पा रहे।

वह इतना ही कह पा रही है कि पांच-छह रोज पहले बीस मिनट के लिए आए थे। ढंग से खाना भी नहीं खा पाए थे। बताया था कि किसी काम से अलीगढ़ आना हुआ तो घर बच्चों का हाल-चाल लेने आ गया। ऐसा क्या पता था कि आज के बाद वापस नहीं आएंगे। वरना आने नहीं देती। रजिया के अनुसार सब कुछ सामान्य चल रहा था। हर रोज देर रात हाल-चाल भी लेते थे। घटना वाली रात भी बात हुई। मगर सुबह होते ही यह खबर मिल गई।

अख्तर के घर मंगलवार को नगला पटवारी में पूर्व मंत्री ठा.जयवीर सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू भी पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और कहा कि वह हमेशा अख्तर के परिवार के साथ हैं। इस मौके पर अबरार भाई, शाकिर अली, डॉ.अजमल, निजामुद्दीन, तौसीफ आलम, नवी हसन, रहीस चौधरी, जमील खान आदि थे।
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