डार्क वेब डाटा जुटाकर ऐसे करते थे ठगी
सरगना अंकुर गुप्ता डार्क वेब, टेलीग्राम चैनल के माध्यम से कॉल जेनरेटिंग हैकर्स के संपर्क में आ गया था। आरोपी ने हैकर्स की मदद से अमेरिका के नागरिकों का डाटा जुटा लिया। डाटा के आधार पर एसएमएस, ईमेल, और पॉपअप के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग और बीमा संबंधी समस्या को हल करने के ऑफर भेजे जाते थे। जैसे ही विदेशी नागरिक की मदद के लिए कॉल करते ये कॉल क्लाउड बेस डायलर की मदद से अंकुर गुप्ता के कॉल सेंंटर पर आ जाती थी। इसके लिए अंकुर गुप्ता बिट क्वाइन में कॉल जेनरेटिंग हैकर्स को भुगतान करता था। अंकुर गुप्ता ने विभिन्न प्लेटफार्म पर छह क्रिप्टो वॉलेट बना रखे हैं। समस्या हल करने के लिए फर्जी रूप से लगाईं गईं समस्या के निवारण के लिए विदेशियों से डालर बिट क्वाइन, जेली, गिफ्ट कार्ड, कैश एप आदि के माध्यम हॉंगकांग के बैंक में ट्रांसफर करा लेते थे।
विदेशी विशेषज्ञों की मदद से जुटेंगी छह टीमें
सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए अब पहाड़ के ऊपर और साइड से ड्रिलिंग होगी। वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए चार स्थानों की पहचान की गई है, वहां तक पहुंचने के लिए ट्रैक बनाने का काम सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया है। विदेशी विशेषज्ञों की मदद से पांच विकल्पों पर केंद्र और राज्य की छह टीमें रविवार से काम शुरू करेंगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ सिलक्यारा पहुंचेंगे।