दिल्ली के कालकाजी इलाके में नेहरू प्लेस बस स्टैंड के पास सोमवार की रात तेज रफ्तार कॉल सेंटर कैब सड़क किनारे खड़े ट्रेला (ट्रक) से जबरदस्त रूप से टकरा गई। टकराने के बाद कैब ट्रेला के नीचे घुस गई थी। इससे एक कॉल सेंटर कर्मी की मौत हो गई, जबकि दो कर्मी और कैब ड्राइवर घायल हो गए। घायलों को एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। कालकाजी थाना पुलिस ने कैब चालक के खिलाफ सड़क दुर्घटना और लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्जकर लिया है। इस सड़क दुर्घटना में कैब बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और इंजन पूरी तरह खत्म हो गया।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये सड़क दुर्घटना सोमवार रात करीब ढाई बजे की है। नोएडा के सेक्टर-62 में स्थित बारक्लेज कॉल सेंटर की कैब (इंडिका कार) कॉल सेंटर कर्मियों को रात में उनके घर छोड़ने जा रही थी।
तो ये है घटना की असली वजह?
कालकाजी मंदिर से चिराग दिल्ली की तरफ जाते हुए कैब की रफ्तार काफी ज्यादा थी। कालकाजी थाने के सामने नेहरू प्लेस बस स्टेंड के पास सड़क पर एक ट्रेला साइड में खड़ा हुआ था। इस ट्रेला में लोहे की गाटर लदी हुई थी।
बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कैब के सामने सड़क पार कर रहा एक व्यक्ति आ गया। इस व्यक्ति को बचाने के चक्कर में कैब चालब कैब पर संतुलन खो बैठा और कैब ट्रेला के नीचे घुस गई। किसी राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
कैब की खिड़की को काटकर घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायल कैब चालक सुनील, कॉल सेंटर कर्मी विग्नेश महेश (20), सचिन व सौरभ को एम्स के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विग्नेश महेश को मृत घोषित कर दिया।
घायलों को एम्स के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि घायलों की हालत स्थिर है। पुलिस का आलम देखते हुए कैब ट्रेला के नीचे घुसी हुई मंगलवार दोपहर तक खड़ी रही। हालत तो ये थी कि ट्रेला तो मंगलवार शाम तक सड़क पर ही सड़क दुर्घटना पर खड़ा हुआ था।
कार में था खून ही खून
रात के समय सड़क खाली होती हैं। ऐसे में चालक तेज रफ्तार से गाड़ियों को दौड़ाते हैं। कॉल सेंटर कर्मी सौरभ की शिकायत पर कालकाजी पुलिस ने कैब चालक सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सौरभ ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि कैब की रफ्तार काफी ज्यादा थी।
नेहरू प्लेस के पास कैब के आगे एक व्यक्ति आ गया था। इस व्यक्ति को बचाने के चक्कर में कार ट्रेला के नीचे घुस गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चालक को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार किया जाएगा।
सड़क दुर्घटना कितनी खतरनाक थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इंडिका कार का इंजन पूरी तरह खत्म हो गया था। क्षतिग्रस्त कार को देखने से लग रहा था कि जैसे कार का इंजन आगे था ही नहीं। कार के अंदर सभी सीटों व डेसबोर्ड पर खून ही खून बिखरा हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे लाल रंग से कार की अंदर से पुताई कर दी गई हो।
अंडरपास होने के बावजूद लोग सड़क से पार करते हैं
जिस जगह पर ये सड़क दुर्घटना हुई है वहां पास में ही अंडरपास है। दिन हो या रात लोग अंडरपार की बजाय सड़क केडिवाइडर की रेलिंग से सड़क पार करते है। जिस जगह पर सड़क दुर्घटना हुई है उस जगह पर डिवाइडर की करीब दो फुट की रेलिंग हटी हुई है। इसमें से होकर लोग सड़क पार करते है। इस कारण यहां पर आए दिन सड़क दुर्घटना होती हैं।