एएसपी केशव कुमार ने बताया है कि पुलिस लगातार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। इस दौरान कैब को सड़क किनारे छोड़कर एक ऑटो में बैठकर चार लोग भागते हुए नजर आए। पुलिस ने ऑटो की तलाश शुरू की। बदमाश 12 सितंबर की सुबह मोहन नगर चौराहा से ऑटो में करावल नगर तक गए थे। इसके बाद पुलिस उन तक पहुंची। बदमाश बृहस्पतिवार को राजनगर एक्स्टेंशन की ओर लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस फरार रंजीत और अंशुल की तलाश कर रही है।
कैब से चालक को फेंकने के लिए गाजियाबाद पहुंचे
एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पूछताछ में बदमाशों का कहना था कि उन्होंने पहले एक अन्य कैब को बुक करने का प्रयास किया। लेकिन कैब चालक ने आईडी मांगी। इस पर वे उसके साथ नहीं गए। फिर उन्होंने सिकंदर को रोका। वह आठ सौ रुपये में आनंद विहार चलने को तैयार हो गया। आरोपी धौलाकुआं से अक्षरधाम होते हुए एनएच नौ से विजयनगर की ओर पहुंच गए। लेकिन कैब के साथ साथ ट्रैफिक अधिक होने के कारण वह चालक को कार से फेंक नहीं सके। इसके बाद बदमाश जीटी रोड से होते हुए मोहननगर की ओर पहुंचे। यहां चेकिंग के डर से कार को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।
कुख्यात अपराधी है आशीष, पुलिस पर भी कर देता है फायरिंग
एसएचओ साहिबाबाद विष्णु कौशिक ने बताया कि आरोपी आशीष कुख्यात बदमाश है। उस पर गाजियाबाद, दिल्ली में करीब 40 मुकदमे हत्या, चोरी, लूट समेत अन्य के दर्ज हैं। वह तीन माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था। एसएचओ ने बताया कि वह बहुत शातिर है। बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग कर देता है। 2019 में तुलसी निकेतन क्षेत्र से अवैध पिस्टल के साथ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पकड़ने के दौरान वह पुलिसकर्मियों से भिड़ गया था। इसमें पुलिस की वर्दी भी फट गई थी।
यह है मामला
मूल रूप से झारखंड निवासी सिकंदर पासवान 30 श्रीनिवास कॉलोनी लाजपत नगर दिल्ली में परिवार के साथ किराए पर रहते थे। वह अपने जीजा सुजीत पासवान की कैब चलाते थे। 12 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे मोहन नगर चौराहे पर कैब में ही हत्या कर दी गई। कैब को सड़क किनारे छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। ऑटो चालक ने साहिबाबाद पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चाबी वाले को बुलाकर कार खोली थी। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।