दिन भर की मेहनत के बाद भी नहीं हो रही है 200 रुपये की कमाई
चालक कुलदीप ने बताया सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी उनकी रोजाना की कमाई 200 रुपये से भी कम हो गई हैं। इतने पैसे में परिवार का कैसे गुजारा करें। सीएनजी फुल करवाने में करीब 450 रुपये का खर्च है। दो दिन पहले वजीरपुर से प्रगति मैदान के बीच तीन अलग अलग स्थानों तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए 90 किलोमीटर की दूरी तय की। इससे उन्हें शाम तक 625 रुपये की कमाई हुई, जबकि सीएनजी पर पहले खर्च हो चुका था। रोजाना रखरखाव या तकनीकी खराबी के मद में भी वाहनों पर 100 रुपये अमूमन खर्च करना पड़ता है, ऐसे में पूरे दिन की मेहनत के बाद भी 150-200 रुपये की कमाई हो रही है।
कैब संचालन करने वाली कंपनियों पर भी मनमानी का आरोप
सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कैब संचालन करने वाली कंपनियों पर भी मनमानी का आरोप लगाते हुए सरकार से किराया तय करने की मांग की। अधिकतर चालकों का आरोप है कि कंपनियां सभी खर्च चालकों से लेती हैं और केवल यात्री मुहैया करने के नाम पर मोटी कमाई कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यात्रियों को आवागमन में सहूलियत सभी वाहन चालक चाहते हैं। मगर, जब खुद के खाने के लिए भी पैसे न बचें तो क्या और कहां से कमाएं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द कंपनियों पर किराये में बढ़ोतरी और कमीशन में कटौती करने की दिशा में पहल करे। अधिकतर चालक सीएनजी कीमत की बढ़ोतरी से बचने के लिए सफर के दौरान ए.सी बंद रख रहे हैं। दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि मांगे पूरी न हुई तो हड़ताल करेंगे।
महिला चालकों की सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
एक्सपर्ट ड्राइवर सॉल्यूशन के अध्यक्ष सुमित भारद्वाज ने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो 18 को हड़ताल करेंगे। इसे आगे बढ़ाकर अनिश्चितकालीन भी किया जा सकता है। सीएनजी की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने और किराये में बढ़ोतरी होने तक विरोध जारी रहेगा। महिला चालकों की सुरक्षा के लिहाज से कैब और टैक्सी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि सफर में उन्हें सुरक्षा की चिंता न सताए। इसे कंट्रोल सेंटर से जोड़ दिया जाना चाहिए ताकि महिला चालक खुद को सुरक्षित महसूस करें।