पारस अस्पताल 37 साल की इराकी महिला की एक बड़ी सर्जंरी कर उसकी जान बचाई गई। गले की भोजन नलिका में कैंसर का ट्यूमर पनप गया था जिससे उसकी आवाज तो बदल ही गई थी, उसके लिए भोजन खाना भी मुश्किल हो गया था।
कई महीने पहले इराक की सना की थॉयराइडस संबंधी समस्या की सर्जरी कराई गई थी। सर्जरी नाकाम होने के बाद गुड़गांव पहुंची थी। मेडिकल जांच में भोजन नलिका यानी इसोफेगस में कैंसर के लक्षण पाया गया।
क्लिनिकल जांच, एमआरआई स्क्रीनिंग, खून जांच और ट्रू कट बायोप्सी के आधार पर जीआई सर्जरी के कंसल्टेंट डॉक्टर राकेश धुरखरे ने एक बड़े ट्यूमर का मामला बताया। डॉक्टर सुदीप रैना ने बताया कि भोजन नहीं लेने की वजह से मरीज कमजोर हो गई थी।