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देश में पहली बार न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के मरीजों को मिलेगा ऐसा इलाज

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देश में पहली बार न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के वैसे मरीज जिनको यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है, उनके लिए नई तकनीक से सर्जरी करने की व्यवस्था की जा रही है।
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सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में ऐसे मरीजों के लिए वीडियो यूरोडायनमिक्स सर्जरी की व्यवस्था की जा रही है। इस तकनीक से न सिर्फ इस बीमारी का पता लग पाएगा बल्कि सर्जरी करके मरीज के ब्लॉडर को भी बड़ा किया जा सकता है। इसके बाद मरीज यूरीन पर नियंत्रण रख सकेगा।

सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन वासुदेवा ने बताया कि देश में लाखों की संख्या में ऐसे मरीज हैं जिन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ हो, पार्किनसन, मल्टीपल स्केलेरोसिस, स्पाइन संबंधी दिक्कत हो, उनमें यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम होती है।
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इसके अलावा कई बार जन्म के साथ ही स्पाइन में दिक्कत की वजह से इस तरह की दिक्कत रहती है। ऐसे मरीजों के लिए वीडियो यूरोडायनमिक्स बेहद उपयोगी है।
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जो छुपाते हैं ‌बीमारी उनके लिए काम की है खबर

ऐसे मरीज यूरीन पर नियंत्रण नहीं रख पाते और कभी भी उनका यूरीन डिस्चार्ज हो जाता है। मरीज अपनी बीमारी के बारे में शुरुआत में किसी को बताते नहीं हैं, बाद में उनकी किडनी तक प्रभावित हो जाती है। ऐसे मरीजों के लिए यह तकनीक बेहद उपयोगी है।

डॉ. वासुदेवा ने बताया कि इस तकनीक के सहारे मरीज की पेशाब की थैली में नली डाली जाती है और नली का दूसरे छोर को कंप्यूटर से जोड़ा जाता है। एक नली से ब्लॉडर में पानी डाला जाता है।

इसके बाद बिल्कुल ईसीजी की तरह इमेज बनती दिखती है। इससे पता लगता है कि किस स्थिति में मरीज को दिक्कत होती है यूरीन पर काबू नहीं रह पाता।

इसके बाद यदि शुरुआत में ही बीमारी का पता लग जाए तो दवा से भी बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इस तकनीक के इस्तेमाल से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की वजह से यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम झेल रहे 90 प्रतिशत मरीज सर्जरी से बच जाएंगे। शनिवार को ऐसे ही सात मरीजों की सफदरजंग अस्पताल में लाइव सर्जरी की जाएगी।
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