फ्लैट क्या खरीदा, मुसीबत ही मोल ले ली। फ्लैट मिलना तो दूर की बात है, अभी काम ढंग से शुरू भी न हुआ। किराये के घर में रहते हुए बैंक की किस्त संभालना मुश्किल हो रहा है। बिल्डर से सबवेंशन प्लान लेकर में ठगे गए। बिल्डर किस्त नहीं दे रहा। नॉन परफॉर्मेंस अकाउंट (एनपीए) की स्थिति आ गई है। इसके बाद मुझे कहीं भी और कभी भी बैंकों से लोन नहीं मिल सकेगा। यह कहना है कि आम्रपाली के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ट्रॉपिकल गार्डन के प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वाले सूरज नेगी का।
वे कहते हैं कि 2014 के अंत में हमने फ्लैट बुक कराया था। बिल्डर ने मार्च 2017 में पजेशन देने का वादा किया था। उसके बाद अक्तूबर में पजेशन देने का वादा किया है, लेकिन मौके पर देखने से लगता है कि अभी बहुत वक्त लग जाएगा। अभी सिर्फ दो मंजिल का स्ट्रक्चर तैयार किया है। मौके पर काम बंद है। पता नहीं है कि किस समय पजेशन मिलेगा। अब बिल्डर अक्तूबर 2020 में पजेशन की बात कह रहा है। वे इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं।
पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता के साथ किराये के घर में रहते हैं। ज्यादा वेतन न होने के कारण ही सबवेंशन प्लान के तहत फ्लैट बुक कराया था, जिसके चलते मुझे पांच लाख रुपये महंगा भी पड़ा। इस प्लान में यह था कि बुकिंग के बाद पजेशन मिलने पर ही किस्त देनी होगी। तब तक बैंक को बिल्डर किस्त देगा, लेकिन कुछ दिन बाद ही बिल्डर ने किस्त देनी बंद कर दी। बैंक वाले फोन करने लगे। एनपीए में डालने की चेतावनी देने लगे। बड़ी मुश्किल से किस्त भर पा रहा हूं। समझ में नहीं आ रहा कि क्या करूं।