बिजनेस ब्लास्टर्स के दूसरे एपिसोड में उद्यमी छात्र ने प्रमुख निवेशकों के सामने नए आइडिया पेश किए। 11वीं और 12वीं के छात्रों के प्रोजेक्ट को निवेशकों ने जरूरी मदद का भरोसा दिलाया। दूसरे एपीसोड में पुराने मोबाइल को नया रूप देकर उसे कम कीमत पर बेचने, जरूरी एसीसरीज को बनाने समेत तीन बच्चों के स्टार्टअप को निवेश मिला। इसके सहारे वह अपने उद्यम को आगे बढ़ा सकेंगे।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ चायोस के संस्थापक नितिन सलूजा और बीसीजी इंडिया की निदेशक सीमा बंसल बतौर निवेशक और जज मौजूद रहीं।दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि बिजनेस ब्लास्टर्स शो 3 लाख छात्रों द्वारा पेश किए गए 51 हजार आइडियाज के चुनिंदा आइडिया को आगे ले जाने का बेहतर मंच साबित होगा। अधिकारियों का कहना है कि नवोदित उद्यमियों का मेंटर बनने के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इससे पहले बीते रविवार को बिजनेस ब्लॉस्टर का पहला एडीशन हुआ था।
दूसरे एडीशन के तीन स्टार्टअप और निवेश
स्टार्टअप-1: मोबिसाइट
स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, खिचड़ीपुर के विज्ञान संकाय के छात्र सुख सागर अपने दोस्त की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर अपना खाली समय बिताते हुए मोबाइल और हेडफोन की मरम्मत करना सीखा। इसी हुनर ने मोबिसाइट नाम के उनके स्टार्ट-अप की नींव रखी। बकौल सुख सागर, कोविड काल में जब ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुईं, तो मेरी कक्षा के कई बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं था। इसलिए हमने पुराने मोबाइल फोन को दुबारा से तैयार कर उनको कम कीमत पर बेचने का फैसला किया। यह सबकी पहुंच में था। आइडिया पसंद आने पर उनको 50 हजार रुपये की सीड मनी मिली। वहीं, चायोस में इंटर्नशिप करने का मौका मिला।
स्टार्टअप-2: होम-टू क्रिएशन
स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, खिचड़ीपुर की दो छात्राओं शीजा अली और साक्षी झा ने होम 2 क्रिएशन का आइडिया पेश किया। इसके तहत दोनों छात्राओं ने दो तरह की एक्सेसरीज का व्यापार किया। इसमें वॉल हैंगिंग, की-चेन, निट और लूम बैग, चॉकलेट शामिल हैं। इसमें सीमा बंसल और नितिन सलूजा ने 20 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश किया। उन्होंने कहा कि आखिर में मुझे लगता है कि उद्यमिता यही है। यह अन्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ आप अपना भी जीवन सुधारते हैं।
स्टार्टअप-3: इंक परिवार
यश पटवाल और उनकी टीम के नेतृत्व में इंक परिवार एक व्यवसाय चलाता है। इसमें वह संदेश, चुटकुले और मीम्स वाले प्रिंटेड कप, टी-शर्ट और मास्क उपहार के विकल्प के रूप में बेचते हैं। इस व्यापार को शुरू करने से पहले यह एक कठिन यात्रा थी। पहले नुकसान हुआ, लेकिन प्रयास जारी रहा। इसके बाद कुछ दुकानों से ऑर्डर प्राप्त करने लगे। इंस्टाग्राम पर सोशल मीडिया रीच से धीरे-धीरे आर्डर में वृद्धि हुई है। यश पटवाल ने कहा टीम को नितिन सलूजा से 80 हजार रुपये की अतिरिक्त पूंजी और 28,500 रुपये के अग्रिम ऑर्डर प्राप्त हुए। उन्हें चायोस में इंटर्नशिप करने के लिए भी आमंत्रित किया गया था।