शहर को बस सेवा से यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। निजी ऑपरेटरों ने बॉटेनिकल गार्डन से दनकौर तक बस संचालन चलाने में रुचि दिखाई है। दो बड़े ऑपरेटरों ने इस रूट के लिए परिवहन विभाग से 40 परमिट मांगे हैं।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के साथ यमुना एक्सप्रेस-वे से सटे सेक्टरों में आबादी बढ़ती जा रही है। करीब 30 किलोमीटर लंबे इस रूट पर कई बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी पड़ती हैं, जिनकी कनेक्टिविटी के लिए परिवहन सेवाएं नाकाफी हैं। इस सिलसिले में बस ऑपरेटरों के साथ यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण की हाल में ही बैठक हुई जिसमें बस संचालन शुरू करने पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है।
दो बड़े ऑपरेटरों ने नोएडा के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को पत्र भेजकर 40 परमिट मांगे हैं, ताकि जल्द से जल्द बस सेवा शुरू की जा सके। परमिट जारी करने का काम गाजियाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय से होता है। नोएडा में बैठे अधिकारियों ने बस ऑपरेटरों की मांग आरटीओ के समक्ष रख दी है। बताया जा रहा है कि इस रूट पर बसों का संचालन होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर पड़ने वाले कॉलेज व यूनिवर्सिटी के हजारों छात्रों को होगा, जिन्हें सफर के दौरान रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ऑपरेटर लो फ्लोर बसों का संचालन इस रूट पर करेंगे।