रोडवेज कर्मचारियों और परिवहन निगम प्रबंधन के मध्य सुलह के प्रयास विफल हो गए हैं। ऐसे में प्रदेशभर में रोडवेज बसों का चक्काजाम करने पर आमादा कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया है। संविदा और नियमित कर्मी चक्काजाम पर एक साथ हैं। दो सप्ताह पहले रोडवेज कर्मचारी संघ ने चक्का जाम की घोषणा की थी।
रोडवेज कर्मचारी संघ और सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। कर्मियों ने दो सप्ताह पहले लखनऊ में प्रदर्शन कर 11 सूत्रीय मांगों को पूरा करने का ज्ञापन रोडवेज प्रबंधन को सौंपा था। इसके पूरा न होने पर चक्काजाम की घोषणा की थी।
रोडवेज प्रबंधन कर्मचारी संगठनों के साथ वार्ता कर रहा था। 27 जनवरी को हुई वार्ता में भी कामयाबी नहीं मिली। इसकेबाद कर्मचारी संगठनों ने आरपार की लड़ाई की घोषणा करते हुए चक्का जाम करने पर अंतिम मुहर लगा दी।
रोडवेज कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी ओमवीर सिंह ने बताया कि प्रबंधन मनमानी पर आमादा है। वह कर्मचारी, रोडवेज और यात्री हित की किसी मांग को मानने को तैयार नहीं है।
ऐसे में चक्काजाम के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। प्रदेश भर में पांच फरवरी की रात 12 बजे से लेकर छह फरवरी की रात 12 बजे तक प्रदेश में कोई रोडवेज बस नहीं चलेगी। बसों का संचालन न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।