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बसों के हर पल की मिलेगी खबर

Tue, 25 Nov 2014 07:03 AM IST
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा में बसों की कमी तो है ही, समय से न चलने की भी परेशानी है। स्टैंड पर इंतजार कर रहे यात्रियों को पता ही नहीं चल पाता कि उनके रूट की बस कितनी देर में आएगी। सिटी बस सर्विस शुरू होने के बाद यह समस्या भी दूर हो जाएगी और बस शेल्टरों पर रीयल टाइम बेसिस पर बसों के आने का समय डिस्प्ले होगा। सोमवार को फाइनेंशियल बिड खोलकर  कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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सिटी बस सर्विस में शामिल सभी बसें जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से लैस होंगी। बस शेल्टरों पर ऑटोमेटिक डिस्प्ले मशीन लगी होगी। बस का क्या टाइम है, कितने बजे पहुंचेगी और मौजूदा पोजिशन क्या है, यह सब शेल्टरों पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर दिखता रहेगा। यानी आपके रूट पर चल रही बसों के हर पल की जानकारी आपको मिल सकेगी। इसकी मॉनिटरिंग नोएट्रा ट्रैफिक सेल के दफ्तर से होगी। हालांकि इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। सिटी बस सर्विस के लिए बनने वाले नए शेल्टरों पर ऐसे डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।

इन बसों के लिए 280 शेल्टर भी बनेंगे, जिसमें से 62 पहले से बने हुए हैं। जिन शेल्टरों पर पानी और सीवर की लाइन है, वहां जगह चिह्नित कर शौचालय भी बनाए जाएंगे। सिटी बस सर्विस शुरू करने से पहले प्राधिकरण दिल्ली, मुंबई, इंदौर, पुणे आदि शहरों में चल रही परिवहन व्यवस्था का भी अध्ययन करवा चुका है।
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नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ परियोजना अभियंता और नोएडा ट्रैफिक सेल के प्रभारी संदीप चंद्रा का कहना है कि रीयल टाइम बेसिस पर बसों की टाइमिंग की जानकारी देश के किसी भी शहर में यात्रियों को नहीं मिल रही। ऐसा सिर्फ विदेशों में हो रहा है। यहां तक कि यह मेट्रो से भी बेहतर तकनीक होगी। अब नोएडा-ग्रेटर नोएडावासियों को बहुत जल्द डग्गामार बसें और टैंपो में उबाऊ सफर से छुटकारा मिल जाएगा।

सुधरेगी परिवहन व्यवस्था
सिटी बस सर्विस के तहत कुल 392 बसें कुल 27 रूटों पर चलेंगी। प्रथम चरण में 100 बसें चलाने की योजना है। यह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दोनों शहरों केबीच प्रस्तावित 13 रूटों पर चलाई जाएंगी। जिसमें से 650 एमएम की 20 एसी और 50 नॉन एसी बसें चलेंगी जबकि 400 एमएम की 30 एसी सीएनजी बसें चलाई जाएंगी।

ऑपरेटर का चयन सप्ताह भर में
सोमवार को फाइनेंशियल बिड के लिए बस ऑपरेटरों का आवेदन आ गया है। प्राधिकरण ने इन आवेदनों का अध्ययन करने के लिए कंसलटेंट यूएमटीसी को दे दिया है। एजेंसी सप्ताह भर में अध्ययन कर रिपोर्ट दे देगी। उसके आधार प्राधिकरण सबसे कम खर्च वाले ऑपरेटर का चयन करेगा।  

नोएडा से ग्रेटर नोएडा केबीच के प्रस्तावित रूट
1. रूट नंबर 103ए-बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक वन तक वाया एक्सप्रेसवे।
2. रूट नंबर 103बी-बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क दो तक वाया एक्सप्रेसवे।
3. रूट नंबर 104ए-सेक्टर 12-22 तिराहे से इकोटेक वन तक वाया डीएससी रोड।
4. रूट नंबर 104बी सेक्टर 12-22 तिराहे से नॉलेज पार्क दो तक वाया डीएससी रोड।

ग्रेटर नोएडा के अंदर के प्रस्तावित रूट :-
5. रूट नंबर 201-आउटर रिंग रूट- ग्रेनो डिपो से यूनिवर्सिटी होते हुए वापस ग्रेटर नोएडा डिपो तक।
6. रूट नंबर 202 इनर रिंग रूट-नॉलेज पार्क दो से वाया ऐच्छर एडब्ल्यूएचओ और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण होते हुए वापस नॉलेज पार्क दो तक।
7. रूट नंबर 205 इलिप्टिकल रिंग रूट (खास जगहों को जोड़ते हुए)-सिग्मा वन से वाया परी चौक से वापस सिग्मा वन तक।

नोएडा के अंदर के प्रस्तावित बस रूट
8. रूट नंबर 301-आउटर रिंग रूट- नोएडा के एनआईबी चौकी से लेबर चौक, सेक्टर 12-22, 6, 15, 16, सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन, निठारी, सिटी सेंटर, ममूरा होते हुए वापस एनआईबी चौकी तक।
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9. रूट नंबर 302-आउटर रिंग रूट सिटी सेंटर से वाया गोल्फ कोर्स, एमिटी यूनिवर्सिटी, सुल्तान पुर, भंगेल और बरौला होते हुए वापस सिटी सेक्टर तक।
10. रूट नंबर 303-इनर रिंग रूट-मॉडल टाउन से फोर्टिस अस्पताल, ममूरा, रजनीगंधा चौक और सेक्टर 12-22, लेबर चौक होते हुए वापस मॉडल टाउन तक।

मेट्रो फीडर के प्रस्तावित रूट
11. एम-01-सेक्टर 15 से हरौला मार्ग और एमपी वन होते हुए सेक्टर 16 मेट्रो स्टेशन तक।
12-एम 03-सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन से निठारी वापस होकर 31-36 केबीच से बॉटेनिकल गार्डन तक।
13. एम-05-गोल्फ कोर्स से सेक्टर 26 तिराहे से एनटीपीसी होते हुए वापस सिटी सेंटर तक।
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