इस दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर लिए देश भर के विभिन्न राज्यों से आकर यहां एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि यह कानून चालकों के हित में नहीं है। इस कानून के तहत शोषण किया जाएगा।
दिल्ली ऑटो टैक्सी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि ज्यादातर हादसों में वाहन चालक की कोई गलती नहीं होती। नए कानून में कोई अपील-दलील नहीं सुनी जाएगी। सीधे कार्रवाई होगी। इसलिए यह कानून देशहित में नहीं है। इसे वापस लिया जाए। कानून वापसी को लेकर ही सभी व्यावसायिक वाहनों के ड्राइवर हड़ताल पर ही रहेंगे।
संजय सम्राट ने कहा कि पूरे देश के ड्राइवर्स पर यह काला कानून जिस पर ड्राइवर्स पर दुर्घटना के समय भाग जाने पर 10 लाख का जुर्माना और 7 साल की सजा का प्रावधान बनाया गया है, इससे ड्राइवर्स में भय का माहौल बन गया है। चालक वाहनों को रोड पर खड़ा कर चाबी मालिकों को दे रहे हैं।