फिल्म मुन्नाभाई और उसमें दिखाई दिए गांधी जी तो याद ही होंगे। इस फिल्म में मुख्य किरदार गांधी जी को अपने विचारों के जरिए सामने खड़ा देखता है उनसे बातें करता है और अपने दोस्त सर्किट को भी उनकी बात मानने को कहता है, लेकिन सर्किट को कुछ दिखाई नहीं देता वो बस अपने दोस्त की खुशी के लिए गांधी जी से बात करता है।
ठीक इसी तरह भाटिया परिवार की कहानी भी देखने को मिल रही है। ये कहना है सोसायटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च ऑफ इंडिया के संयोजक डॉ. विकास ढ़िकव का। उन्होंने बताया कि ललित मनोविकार पीड़ित था। 11 वर्षों से वह परिवार को लीड कर रहा था। शेयर डिवीजन के जरिए वे सभी को भ्रम में रखा था। पिता की आत्मा जहन में आने की बात सुनकर परिजन भी आसानी से विश्वास कर सकते हैं।
न्यूरो मनो विशेषज्ञ डॉ. ढ़िकव की मानें तो इस राज का पर्दाफाश होना मुमकिन नहीं है, लेकिन हमारी जांच एजेंसियां लगी हुई हैं। रजिस्टर और डायरी में मिलीं कहानियां साफ बता रही हैं कि ललित मनोविकार ग्रस्त था और पूरा परिवार उसके कब्जे में था। वह कमांड करता था।