दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने हैंडराइटिंग के नमूने एकत्र करना शुरू कर दिया, ताकि पता लगाया जा सके कि घर से जो रजिस्टर मिले हैं, वह किसने लिखे थे।
पुलिस ने बुराड़ी स्थित एक स्कूल, बैंक और तिमारपुर स्थित स्कूल को हैंडराइटिंग के नमूने लेने के लिए पत्र लिख दिया है। तिमारपुर स्थित स्कूल में भाटिया परिवार के बच्चे शिवम और ध्रुव पढ़ते थे। पुलिस ने प्रियंका के कार्यालय में पत्र लिखकर हैंडराइटिंग के नमूने मांगे हैं।
दिल्ली में कई बार हुई हैं सामूहिक आत्महत्याएं
बुराड़ी में 11 लोगों की मौत अगर खुदकुशी है तो राजधानी में इससे पूर्व भी कई परिवारों के सामूहिक रूप से खुदकुशी की वारदात सामने आ चुकी है। हालांकि बुराड़ी की घटना ने सुनने वालों को भीतर तक झकझोरकर रख दिया है।
राजधानी में 9 सितंबर 2016 को जाफरपुर कलां इलाके में डीटीसी चालक भगवान दास ने अपनी पत्नी शारदा और बेटी सरिता के साथ जहर पीकर जान दे दी थी। जांच में पता चला कि कुछ दिन पहले उसके बेटे ने फांसी लगा ली थी।
इस घटना से पूरा परिवार आहत था और उन्होंने खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया। वर्ष 2016 के अगस्त व सितंबर में पूर्वी दिल्ली में सामूहिक खुदकुशी काफी चर्चा में रही। 27 सितंबर 2016 को नीलकंठ अपार्टमेंट में रहने वाले आईपीएस अधिकारी बीके बंसल ने अपने बेटे योगेश के साथ खुदकुशी कर ली थी।
इससे पूर्व 26 अगस्त को बीके बंसल की पत्नी सत्यबाला और बेटी नेहा ने खुदकुशी कर ली थी। गौरतलब है कि बीके बंसल को सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके बाद से परिवार तनाव में था।
इसी तरह 13 फरवरी 2017 को बेगमपुर इलाके में राजेश नाम के ट्रांसपोर्टर ने पत्नी उमा और बेटी स्वाति की हत्या करने के बाद खुद फांसी लगाकर जान दे दी। जांच में पता चला कि परिवार को आर्थिक तंगी थी।
छावला इलाके में भी 1 जनवरी 2018 को एक व्यक्ति ने पत्नी, बच्ची और बेटे को जहर देकर मारा और इसके बाद खुद आत्महत्या कर ली। जांच में पता चला कि परिवार में आपसी कलह थी।
हालांकि समय पर उपचार मिलने से बच्ची को बचा लिया था। गोविंदपुरी थाना क्षेत्र में 26 मार्च 2018 को एक शख्स ने अपनी सात वर्षीय बच्ची और पत्नी को जहर देने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस को जांच में पता चला कि विक्की ने प्रॉपर्टी विवाद को लेकर घटना को अंजाम दिया।