सोमवार शाम बुराड़ी के घर मिले 11 शवों को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट तक पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने बाकायदा ग्रीन कॉरिडोर बनाया। करीब 6.7 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन कॉरिडोर की मदद से पुलिस ने महज 12 मिनट के भीतर शवों को निगम बोध घाट तक पहुंचाया।
सोमवार शाम करीब 4.52 बजे दिल्ली पुलिस की दो गाड़ियां 11 शव एंबुलेंस में लेकर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस से रवाना हुईं। कोटला रोड से दिल्ली गेट होते हुए राजघाट रिंगरोड के रास्ते सभी 13 वाहन निगम बोध घाट तक शाम पांच बजकर 04 मिनट पर पहुंचे।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस भी जल्द से जल्द शवों को अंतिम संस्कार के लिए घाट तक पहुंचाना चाहती थी। जानकारी के अनुसार ग्रीन कॉरिडोर अक्सर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अंग प्रत्यारोपण के लिए इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से संबंधित अस्पताल तक बनाती है।
चूंकि अंग प्रत्यारोपण के लिए समय तय रहता है। इसलिए इसका नाम ग्रीन कॉरिडोर रखा गया। हालांकि अभी तक शवों को घाट तक ले जाने के लिए कभी इस तरह का कॉरिडोर नहीं बनाया, जिसके बारे में जानकारी लेने के लिए जब ट्रैफिक पुलिस से बात की गई तो गोलमोल जवाब देकर संबंधित थाना पुलिस से जानकारी लेने का हवाला देती रही।
लेकिन पोस्टमार्टम हाऊस से निकलने और निगम बोध घाट तक पहुंचने के समय ने इसका खुलासा कर दिया, जबकि आमतौर पर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से निगम बोध घाट तक की दूरी तय करने में 20 मिनट से ज्यादा का वक्त लगता है।