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जहांगीरपुरी में बुलडोजर : सुप्रीम कोर्ट ने दिया रोक का आदेश, पर कॉपी नहीं मिली...इसलिए चलती रही तोड़फोड़

Thu, 21 Apr 2022 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

जहांगीरपुरी इलाके में बुधवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। साथ ही ड्रोन से पूरे इलाके पर निगरानी रखी जा रही थी। दिल्ली पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के करीब 15 सौ जवानों को तैनात किया गया था। सुरक्षा की कमान खुद जिला पुलिस उपायुक्त ऊषा रंगनानी और दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक संभाल रहे थे। अतिक्रमण हटाने के दौरान कोई बवाल न हो इसके लिए पुलिस अधिकारी इलाके में मार्च कर रहे थे...
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बृंदा करात पहुंचीं जहांगीरपुरी तो रुकी एमसीडी की कार्रवाई... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जहांगीरपुरी में बुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद दिल्ली पुलिस एवं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारी तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने के लिए तैयार नहीं हुए। दोनों विभागों के अधिकारियों ने तर्क दिया कि उन्हें आदेश की प्रति नहीं मिली है। लिहाजा वह तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद नहीं करेंगे। कुछ समय बाद वामपंथी नेता बृंदा करात वहां पहुंचीं और बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद कर दी गई।

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जहांगीरपुरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होने के करीब एक घंटा बाद ही सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने संबंधी आदेश आ गया था।  इस बारे में कुछ मिनट बाद ही तोड़फोड़ करा रहे दिल्ली पुलिस और निगम के अधिकारियों को मालूम हो गया था। इस बारे में जब मीडिया ने उनको बताया तो उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है। इस प्रकरण के करीब 20 मिनट बाद दोनों विभागों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद कर दी, मगर 10 मिनट बाद फिर तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। इस बीच वामपंथी नेता बृंदा करात आई गई और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तोड़फोड़ का विरोध किया। उन्होंने तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रखने की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करार दिया।

बृंदा करात के आते ही अधिकारियों के बदले स्वर
जहांगीरपुरी में वामपंथी नेता बृंदा करात के पहुंचते ही तोड़फोड़ करा रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के स्वर बदल गए। उन्होंने करात के आते ही तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद कर दी। साथ ही उनसे मुलाकात के बाद दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने कहा कि उनके पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति आ गई है। इस कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने का निर्णय लिया गया है।
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आदेश लागू कराने आना पड़ा: बृंदा करात
वामपंथी नेता बृंदा करात ने दिल्ली पुलिस के विशेेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक से मुलाकात के बाद कहा कि उनका यहां आने का कोई कार्यक्रम नहीं था, लेकिन उन्हें यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए आना पड़ा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के आदेश के बाद भी यहां तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रहने के बारे में मालूम होने के बाद उन्होंने आने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने के आदेश दिए थे। उस दौरान कोर्ट में केंद्र सरकार और नगर निगम के वकील मौजूद थे। इस तरह दिल्ली पुलिस और नगर निगम को कोर्ट के आदेश के बारे में तत्काल मालूम हो गया होगा, मगर दिल्ली पुलिस व नगर निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं रोकी। 

मंदिर का हिस्सा टूटने से बचा
जहांगीरपुरी में दिल्ली पुलिस एवं नगर निगम ने मंदिर का अवैध हिस्सा तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली थी। मंदिर में तोड़फोड़ करने का विरोध कर रहे युवक एवं एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने भगा दिया था और मंदिर के पास खड़ी मोटरसाइकिल भी हटा दी गई थी। इस बीच नगर निगम के बुलडोजर ने नाला कवर करके बना रखे मंदिर के हिस्सा तोड़ने के लिए चलना शुरू कर दिया था, तभी वामपंथी नेता बृंदा करात आ गई और वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध करते हुए बुलडोजर के सामने खड़ी हो गई। इस तरह नगर निगम ने अपने बुलडोजर के ब्रेक लगा दिए और मंदिर का हिस्सा टूटने से बच गया। 

निगम ने मस्जिद मकानों के आगे बने निर्माण को तोड़ा
जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हिंसा वाले रोड पर बुधवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भारी पुलिस बल की सहायता से अतिक्रमण हटाया। इस दौरान मस्जिद के दरवाजे के सामने दोनों ओर दीवार और रेलिंग को भी तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई थी पर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। कार्रवाई देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी।

जहांगीरपुरी स्थित सी ब्लाक में कुशल रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार सुबह करीब 10 बजे उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बुलडोजर पहुंचे। भारी संख्या में पुलिस बल की पहले से तैनाती थी। हालांकि, इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होने के बारे में लोगों को पहले से ही मालूम था। इस कारण यहां सुबह अफरातफरी का माहौल बना हुआ था। इस दौरान नगर निगम के बुलडोजरों ने रोड के दोनों ओर फुटपाथ से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। नगर निगम ने कई अवैध दुकानों को भी तोड़ दिया गया। यहां लोगों ने अपनी जमीन के आगे सरकारी जमीन पर भी पक्का निर्माण कर रखा था। कई लोगों ने अपने मकान में प्रवेश करने के अलावा प्रथम तल पर जाने के लिए सीढ़ियां भी बना रखी थी।

मीडिया के साथ की धक्का-मुक्की
जहांगीरपुरी में मीडिया कर्मियों को अजीबोगरीब स्थिति से गुजरना पड़ा। दिल्ली पुलिस के कर्मियों दो बार मीडिया कर्मियों के साथ बदतमीजी की। पहली बार पुलिसकर्मियों ने वामपंथी नेता वृंदा करात के आने का इंतजार करने वाले मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। दूसरी बार पुलिसकर्मियों ने मीडिया कर्मियों से बदतमीजी करनी शुरू की जब वे तोड़फोड़ की कार्रवाई के पीड़ितों से बात कर रहे थे।

 कब क्या हुआ...

  • 10:10  बजे सुबह : निगम के 7 बुलडोजर तोड़फोड़ करने के लिए कुशल चौक पहुंचे।
  • 10:30 बजे : तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की।
  • 11:20 बजे : सुप्रीम कोर्ट की ओर से कार्रवाई पर रोक की जानकारी मिली
  • 11:25 बजे : आदेश नहीं मिलने का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखने का तर्क दिया।
  • 11:50 बजे : मस्जिद तक तोड़फोड़ करने के बाद कुछ देर तक कार्रवाई रोक दी गई।
  • 12:00 बजे दोपहर : मस्जिद के सामने तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू
  • 12:10 बजे : मंदिर के हिस्से को तोड़ने के लिए बुलडोजर पहुंचा, एक युवक ने विरोध किया।
  • 12:15 बजे : मंदिर के पास जमा भीड़ ने हंगामा शुरू किया, भीड़ ने पत्थर फेंके, पुलिस हरकत में आई।
  • 12:20 बजे : वामपंथी नेता वृंदा करात पहुंचीं और कार्रवाई बंद कराने के लिए बुलडोजर के सामने खड़ी हुईं तब बंद हुई कार्रवाई।
  • 12:25 बजे : वृंदा करात ने दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक से मुलाकात की।
  • 01:00 बजे : वृंदा करात ने मीडिया से बात की।
  • 01:30 बजे: पुलिस ने तोड़फोड़ वाले इलाके से लोगों को भगाना शुरू किया।
  • 02:00 बजे: मीडिया को भी तोड़फोड़ वाले इलाके से हटाया और लोगों की आवाजाही बंद की।
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चलता रहा सियासी संग्राम... कार्रवाई किसी समुदाय नहीं बल्कि अपराधियों पर जिन्हें सबक सिखाना जरूरी है : इंद्रेश

संघ नेता इंद्रेश कुमार ने भाजपा शासित राज्यों में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई को सही ठहराया है। कुमार ने कहा, यह किसी समुदाय नहीं बल्कि उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई है जिन्हें  सबक सिखाना जरूरी है। कुमार ने कहा, धर्म के नाम पर अपराधियों को शरण देना ठीक नहीं है। इन लोगों को सबक सिखाने की जरूरत थी ताकि सौहार्द कायम रहे। अगर कोई इसे मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई बताता है तो यह सीधे तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण के समान है और पूरी तरह असांविधानिक आरोप है।

जो लोग भी बुलडोजर कार्रवाई को असांविधानिक कह रहे हैं, वे कानून और व्यवस्था की स्थिति के साथ-साथ संविधान के नियमों और विनियमों से अनजान हैं। कुमार ने केंद्र व राज्य सरकारों से धार्मिक या सांप्रदायिक हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का आह्वान किया। कुमार ने कहा, धर्म संसद में भाषण के लिए कई धार्मिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब बुलडोजर कार्रवाई को मुस्लिमों के खिलाफ बताना भी नफर फैलाने की कोशिश है। 

वार : अल्पसंख्यकों पर चल रहा बुलडोजर : राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली और मध्य प्रदेश के हिंसा प्रभावित इलाकों में बुलडोजर चलाने को लेकर सरकार पर जमकर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह भारत के सांविधानिक मूल्यों को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा कि यह सरकार प्रायोजित गरीबों और अल्पसंख्यकों पर हमला है। राहुल ने कहा कि भाजपा इसके बजाय अपने दिल से नफरत को ध्वस्त करे।   

राहुल ने बिजली संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान आकर्षित करते हुए आग्रह किया कि वह नफरत के बुलडोजर का स्विच ऑफ करें और बिजली संयंत्रों पर ध्यान दें। इन संयंत्रों को कोयले की कमी के कारण बंद किया जा रहा है। राहुल ने अपने ट्वीट में संविधान की प्रस्तावना और उसकी ओर तेजी से बढ़ रहे एक बुलडोजर का चित्र भी साझा किया है। दरअसल दिल्ली की जहांगीरपुरी में हिंसा के बाद अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल रोक लगा दी गई है। एजेंसी

पलटवार : नफरत का बीज बो रहे राहुल : अनुराग
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की ‘नफरत के बुलडोजर’ की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता नफरत का बीज बो रहे हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष देश का नाम मिट्टी में मिला रहे हैं। राहुल की आलोचना करते हुए ठाकुर ने कहा, जिसका खुद का इतिहास भ्रष्टाचार और दंगों से भरा हो, आप उससे ऐसी ही टिप्पणी की उम्मीद कर सकते हैं।

राहुल घृणा का बीज बोकर देश का भला नहीं कर रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी द्वारा भाजपा को गुंडों की पार्टी बताए जाने पर ठाकुर ने कहा कि वह उनके बारे में क्या कह सकते हैं। जिसने सत्ता पाने के लिए आतंकियों से समझौता किया, इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि राष्ट्र का गौरव तभी बढ़ता है, जब यह अगली पीढ़ी को आत्मसम्मान और बलिदान की परंपरा की सीख देता है। एजेंसी
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