जहांगीरपुरी में बुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद दिल्ली पुलिस एवं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारी तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने के लिए तैयार नहीं हुए। दोनों विभागों के अधिकारियों ने तर्क दिया कि उन्हें आदेश की प्रति नहीं मिली है। लिहाजा वह तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद नहीं करेंगे। कुछ समय बाद वामपंथी नेता बृंदा करात वहां पहुंचीं और बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद कर दी गई।
जहांगीरपुरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होने के करीब एक घंटा बाद ही सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने संबंधी आदेश आ गया था। इस बारे में कुछ मिनट बाद ही तोड़फोड़ करा रहे दिल्ली पुलिस और निगम के अधिकारियों को मालूम हो गया था। इस बारे में जब मीडिया ने उनको बताया तो उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है। इस प्रकरण के करीब 20 मिनट बाद दोनों विभागों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद कर दी, मगर 10 मिनट बाद फिर तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। इस बीच वामपंथी नेता बृंदा करात आई गई और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तोड़फोड़ का विरोध किया। उन्होंने तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रखने की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करार दिया।
बृंदा करात के आते ही अधिकारियों के बदले स्वर
जहांगीरपुरी में वामपंथी नेता बृंदा करात के पहुंचते ही तोड़फोड़ करा रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के स्वर बदल गए। उन्होंने करात के आते ही तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद कर दी। साथ ही उनसे मुलाकात के बाद दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने कहा कि उनके पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति आ गई है। इस कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने का निर्णय लिया गया है।
आदेश लागू कराने आना पड़ा: बृंदा करात
वामपंथी नेता बृंदा करात ने दिल्ली पुलिस के विशेेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक से मुलाकात के बाद कहा कि उनका यहां आने का कोई कार्यक्रम नहीं था, लेकिन उन्हें यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए आना पड़ा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के आदेश के बाद भी यहां तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रहने के बारे में मालूम होने के बाद उन्होंने आने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने के आदेश दिए थे। उस दौरान कोर्ट में केंद्र सरकार और नगर निगम के वकील मौजूद थे। इस तरह दिल्ली पुलिस और नगर निगम को कोर्ट के आदेश के बारे में तत्काल मालूम हो गया होगा, मगर दिल्ली पुलिस व नगर निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं रोकी।
मंदिर का हिस्सा टूटने से बचा
जहांगीरपुरी में दिल्ली पुलिस एवं नगर निगम ने मंदिर का अवैध हिस्सा तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली थी। मंदिर में तोड़फोड़ करने का विरोध कर रहे युवक एवं एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने भगा दिया था और मंदिर के पास खड़ी मोटरसाइकिल भी हटा दी गई थी। इस बीच नगर निगम के बुलडोजर ने नाला कवर करके बना रखे मंदिर के हिस्सा तोड़ने के लिए चलना शुरू कर दिया था, तभी वामपंथी नेता बृंदा करात आ गई और वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध करते हुए बुलडोजर के सामने खड़ी हो गई। इस तरह नगर निगम ने अपने बुलडोजर के ब्रेक लगा दिए और मंदिर का हिस्सा टूटने से बच गया।
निगम ने मस्जिद मकानों के आगे बने निर्माण को तोड़ा
जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हिंसा वाले रोड पर बुधवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भारी पुलिस बल की सहायता से अतिक्रमण हटाया। इस दौरान मस्जिद के दरवाजे के सामने दोनों ओर दीवार और रेलिंग को भी तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई थी पर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। कार्रवाई देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी।
जहांगीरपुरी स्थित सी ब्लाक में कुशल रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार सुबह करीब 10 बजे उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बुलडोजर पहुंचे। भारी संख्या में पुलिस बल की पहले से तैनाती थी। हालांकि, इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होने के बारे में लोगों को पहले से ही मालूम था। इस कारण यहां सुबह अफरातफरी का माहौल बना हुआ था। इस दौरान नगर निगम के बुलडोजरों ने रोड के दोनों ओर फुटपाथ से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। नगर निगम ने कई अवैध दुकानों को भी तोड़ दिया गया। यहां लोगों ने अपनी जमीन के आगे सरकारी जमीन पर भी पक्का निर्माण कर रखा था। कई लोगों ने अपने मकान में प्रवेश करने के अलावा प्रथम तल पर जाने के लिए सीढ़ियां भी बना रखी थी।
मीडिया के साथ की धक्का-मुक्की
जहांगीरपुरी में मीडिया कर्मियों को अजीबोगरीब स्थिति से गुजरना पड़ा। दिल्ली पुलिस के कर्मियों दो बार मीडिया कर्मियों के साथ बदतमीजी की। पहली बार पुलिसकर्मियों ने वामपंथी नेता वृंदा करात के आने का इंतजार करने वाले मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। दूसरी बार पुलिसकर्मियों ने मीडिया कर्मियों से बदतमीजी करनी शुरू की जब वे तोड़फोड़ की कार्रवाई के पीड़ितों से बात कर रहे थे।
कब क्या हुआ...
- 10:10 बजे सुबह : निगम के 7 बुलडोजर तोड़फोड़ करने के लिए कुशल चौक पहुंचे।
- 10:30 बजे : तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की।
- 11:20 बजे : सुप्रीम कोर्ट की ओर से कार्रवाई पर रोक की जानकारी मिली
- 11:25 बजे : आदेश नहीं मिलने का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखने का तर्क दिया।
- 11:50 बजे : मस्जिद तक तोड़फोड़ करने के बाद कुछ देर तक कार्रवाई रोक दी गई।
- 12:00 बजे दोपहर : मस्जिद के सामने तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू
- 12:10 बजे : मंदिर के हिस्से को तोड़ने के लिए बुलडोजर पहुंचा, एक युवक ने विरोध किया।
- 12:15 बजे : मंदिर के पास जमा भीड़ ने हंगामा शुरू किया, भीड़ ने पत्थर फेंके, पुलिस हरकत में आई।
- 12:20 बजे : वामपंथी नेता वृंदा करात पहुंचीं और कार्रवाई बंद कराने के लिए बुलडोजर के सामने खड़ी हुईं तब बंद हुई कार्रवाई।
- 12:25 बजे : वृंदा करात ने दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक से मुलाकात की।
- 01:00 बजे : वृंदा करात ने मीडिया से बात की।
- 01:30 बजे: पुलिस ने तोड़फोड़ वाले इलाके से लोगों को भगाना शुरू किया।
- 02:00 बजे: मीडिया को भी तोड़फोड़ वाले इलाके से हटाया और लोगों की आवाजाही बंद की।