अगर मेरे बेटे ने इंस्पेक्टर को मारा है तो उसे गोली मार दो। मेरे बेटे के जैसा इंस्पेक्टर भी मेरा लाल है और फौजी भी। मैं गलत के साथ नहीं हूं। दोषी को सजा मिलनी चाहिए, भले ही वह कोई भी हो। मैंने आज तक जिंदगी सच के साथ जी है और आगे भी यही करती रहूंगी।
फिर चाहे उसका अंजाम कुछ भी हो। इसलिए बार-बार बोल रही हूं, मेरे बेटे ने इंस्पेक्टर को गोली मारी है, तो उसे भी गोली मार दो। अमर उजाला टीम के बातचीत के दौरान जीतू फौजी की मां रतन कौर ने यह बातें कहीं।
चिंगरावठी में हुए बवाल ने नया मोड़ ले लिया है। फौजी की गोली लगने से इंस्पेक्टर की मौत की बात सामने आई है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इंस्पेक्टर को गोली मारने के बाद आरोपी फौजी पिस्टल और मोबाइल भी साथ लेकर भाग गया।
इंस्पेक्टर को गोली मारने में बेटे के नाम आने पर मां रतन कौर का पारा चढ़ा है। फौजी का फोटो खींचने पर उन्होंने एक पत्रकार का मोबाइल छीन लिया और उसे तोड़ने का प्रयास किया। उसके बाद वह रोने लगीं और बोलीं मेरे बेटे जीतू ने अगर इंस्पेक्टर को गोली मारी है तो पुलिस उसे भी गोली मार दे।
मुझे जरा भी दर्द या दुख नहीं होगा। इंस्पेक्टर सुबोध भी मेरे लाल की तरह है। एक मां अपने लाल के साथ कभी गद्दारी नहीं करेगी। जो दोषी है उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि वह पुलिस को छोड़ेंगी नहीं। क्योंकि उनकी पुत्रबधू के साथ पुलिस ने लूटपाट और अभद्रता की है।
बेटे ने गोली मारी है तो पहले सिद्ध करो और उसको मार दो। मुझे जरा भी दुख नहीं होगा। क्योंकि एक बेटे को सजा और दूसरे बेटे (इंस्पेक्टर) को न्याय मिलेगा। अगर, मैंने गुस्से में या गलती से कुछ बोल दिया है, तो मुझे माफ कर देना। हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं।