दिल्ली के गांधी नगर इलाके में एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए ज्वेलर के बेटे उत्कर्ष के हत्यारों प्रताप सिंह सिसोदिया (23) और राजगढ़ कॉलोनी निवासी सिद्धार्थ शर्मा (22) को बुधवार दोपहर में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया।
पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में भीड़ और वकीलों ने पुलिस और आरोपी को घेर लिया और धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान पुलिस ने बीच बचाव कर किसी तरह आरोपियों को भीड़ से निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गई।
हालांकि इस दौरान भीड़ बच्चे की हत्या को लेकर काफी आक्रोशित थी और हत्यारों के खिलाफ नारेबाजी भी कर रही थी। माहौल को बिगड़ता देख पुलिस ने अफरा-तफरी के बीच दोनों आरोपियों को वहां से निकालना ही बेहतर समझा।
बिल्डर के बेटे ने किया था उत्कर्ष को अगवा
दिल्ली के गांधी नगर इलाके में एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए ज्वेलर के बेटे उत्कर्ष की हत्या की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में पुलिस ने गीता कॉलोनी निवासी प्रताप सिंह सिसोदिया (23) और राजगढ़ कॉलोनी निवासी सिद्धार्थ शर्मा (22) को गिरफ्तार किया है।
प्रताप के पिता बिल्डर हैं और उन्होंने करीब 5 साल पहले ज्वेलर का मकान बनाया था। तभी से प्रताप का यहां आना-जाना था। इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर वह उत्कर्ष को स्कूल वैन से उतरते ही अगवा कर ले गया था।
पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त संजय बेनीवाल ने यह जानकारी दी। 18 नवंबर को ज्वेलर मुकेश वर्मा के बेटे को अगवा किया गया था। मुकेश परिवार के साथ दिल्ली के गांधी नगर इलाके में रहते हैं। फिरौती की मांग के अगले दिन उत्कर्ष का शव नाले से मिला था।
ऐेसे दिया गया वारदात को अंजाम
वारदात की योजना बनाने के बाद 14 नवंबर को प्रताप ने रेकी की। खुद उत्कर्ष से उसके आने-जाने का समय पूछा। 18 नवंबर को स्कूल से लौटते समय प्रताप, सिद्धार्थ की काले रंग की स्कूटी लेकर सतसंग मार्ग पर पहुंचा।
वहां पर सिद्धार्थ भी प्रताप की बुलेट लेकर मौजूद था। वैन से उतरने के बाद प्रताप ने उत्कर्ष से कहा कि उसके घर में मौत हो गई है। प्रताप ने मासूम से स्कूटी पर बैठने को कहा। वहां से आरोपी उसको लेकर सीधे अपने किराए के फ्लैट गुरु अंगद नगर आ गया।
दो किलो मीटर एरिया में हुई सारी वारदात
उत्कर्ष को अगवा करने और उसकी लाश मिलने की सारी वारदात दो किलोमीटर के एरिया में हुई। इसी आधार पर पुलिस आशंका जता रही थी कि बदमाश उत्कर्ष को टू-व्हीलर पर ले गए।
पुलिस ने इसी आधार पर लाश मिलने से उत्कर्ष के घर के बीच पड़ने वाले करीब 50 से अधिक जगहों की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में स्कूटी की धुंधली तस्वीर मिली। इसी आधार पर पुलिस ने उत्कर्ष के परिवार में स्कूटी रखने वाले सभी लोगों से पूछताछ की। प्रताप के पकड़े जाने पर पता चला कि स्कूटी उसके दोस्त सिद्धार्थ की थी।
मॉडलिंग में भी हाथ आजमा चुका है आरोपी
फिल्मों में करियर बनाना चाहता था आरोपी
आरोपी ने बताया कि वारदात वाले दिन वह स्कूटी से मासूम को बहलाकर अपने साथ ले गया था। इस दौरान सिद्धार्थ भी उसके साथ मौजूद था। दोनों गुरु अंगद नगर स्थित प्रताप के फ्लैट में मासूम उत्कर्ष को ले गए। वहां कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया और बाद में उसकी हत्या कर दी। प्रताप फिल्मों में करियर बनाना चाहता था।
आरोपी प्रताप को मॉडलिंग का शौक है। वर्ष 2013 में वह मुंबई एक निजी संस्थान में एक्टिंग का कोर्स करने के लिए गया था। वहां आरोपी ने मॉडलिंग भी की। वहां उसकी मुलाकात एक युवती से हुई। वह भी मॉडलिंग करती थी। प्रताप युवती से शादी करने की बात कह कर उसे दिल्ली ले आया। यहां ईस्ट गुरु अंगद नगर में उसके साथ 15 हजार रुपये किराए का एक फ्लैट लेकर रहता था।
चचेरे भाई के बेटे को करना चाहता था अगवा
उत्कर्ष को अगवा करने से पहले प्रताप ने अपने चचेरे भाई के बेटे विभू को अगवा करने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ कारणों की वजह से वह रुक गया। प्रताप को अच्छी तरह पता था कि उत्कर्ष के पिता उसे आराम से एक करोड़ दे सकते हैं। इसीलिए उत्कर्ष को अगवा करने की योजना बनाई।