लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले बिल्डर विक्रम उपाध्याय (52) को नई दिल्ली जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी आगरा और उत्तर प्रदेश में विला में फ्लैट व टाउनशिप में प्लॉट देने के नाम पर ठगी करता था। लोगों से मोटी रकम ऐंठने के बाद वह भूमिगत हो गया था।
उसका कनॉट प्लेस में दफ्तर था, जिस कारण लोग उस पर विश्वास कर लेते थे। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट ने आरोपी को एक केस में भगोड़ा घोषित कर रखा था।
नई दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिल्डर विक्रम उपाध्याय ने बाराखंभा थाना इलाके में एचआरसी होरजाइंस नाम से कार्यालय खोल रखा था। ये समाचार पत्र में विज्ञापन देता था और लोगों से कहता था कि आगरा में सस्ते दामों में प्लॉट व फ्लैट बुक कराएं।
आगरा के वायु विहार में विला और आगरा में ही अन्य जगहों पर टाउनशिप बनाने का झांसा भी देता था। टाउनशिप व विला के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ले चुका है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विक्रम के खिलाफ बाराखंभा थाने में वर्ष 2016 में मुकदमा दर्ज हुआ था और इस केस में ये वर्ष 2017 में भगोड़ा घोषित हो गया था। एफआईआर के चार शिकायतकर्ता पुलिस के पास आ चुके हैं।
दूसरी एफआईआर बाराखंभा थाना इलाके में ही वर्ष 2016 में दर्ज हुई थी। इस केस में ये वांछित था। इस केस में करीब आठ शिकायतकर्ता पुलिस के सामने आ चुके हैं।
आरोपी किसी को फ्लैट या प्लॉट नहीं देता था। ये पैसे लेकर गायब हो जाता था। नई दिल्ली स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार की देखरेख में आरोपी को दयानंद कॉलोनी, लाजपत नगर-तीन से बुधवार सुबह गिरफ्तार किया।
यहां पर आरोपी नाम बदलकर पत्नी व बच्चों के साथ रह रहा था। आरोपी ने वर्ष 2006 से पैसा लेना शुरू किया था और और वर्ष 2016 व उसके बाद तक लेता रहा। कुछ लोगों को चैक भी दिए, लेकिन वह बाउंस हो गए।