नोएडा विधानसभा से बसपा के ब्राह्मण प्रत्याशी देवेंद्र शर्मा की घोषणा से अब दूसरे दलों के लिए ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने का रास्ता बंद हो गया है।
वोट न बंटे इसके लिए अन्य दलों को अब दूसरी जाति का प्रत्याशी उतारने के लिए अपनी रणनीति बदलनी होगी। बसपा ने जिले की तीनों विधानसभाओं के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं जबकि दूसरी पार्टियां प्रत्याशी चयन प्रक्रिया में उलझी हुई हैं।
दरअसल, नोएडा में ब्राह्मण, वैश्य या ठाकुर प्रत्याशी जातिगत आंकड़ों के हिसाब से फिट माने जाते हैं। गौतमबुद्धनगर से बसपा का सबसे नजदीकी नाता है। इसके पीछे दो कारण हैं।
पहला यह है कि पार्टी मुखिया मायावती जिले के बादलपुर की रहने वाली हैं। दूसरा, नया जिला बनाने का काम बसपा ने ही किया था। इन दोनों बातों का लाभ बसपा को शुरू से ही मिलता आ रहा है।