ब्रेजा सवार के आगे नहीं बढ़ने और फिर रांग साइड से सेंट्रो कार आने के बाद एक्सप्रेस वे की एक साइड में जाम लग गया। दिनदहाड़े मारपीट और दबंगई देख जाम में फंसे यात्री सहम गए। हालात बिगड़ते देख वाहनों को रांग साइड से निकलवाया गया। काफी देर बाद जाकर यातायात सुचारु हो सका। एनएचएआई के अधिकारियों की अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टोल मैनेजर ने बुधवार को मसूरी थाने में केस दर्ज कराया।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। पहले ब्रेजा सवार से कहासुनी और सिर्फ रांग साइड से आए सेंट्रो कार सवार युवकों द्वारा की गई हर हरकत फुटेज में कैद है। पुलिस ने केस दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे को खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही दोनों गाड़ियों के बारे में जानकारी भी जुटाई जा रही है।
विधायक के बेटे के नाम पर है सेंट्रो कार
टोल मैनेजर ने एफआईआर में दोनों कारों का नंबर दर्ज कराया है। जांच में पता चला कि ब्रेजा कार गाजियाबाद निवासी मोहम्मद जुल्फिकार अली के नाम पर रजिस्टर्ड है, जबकि सेंट्रो कार गाजियाबाद निवासी शाहनवाज अली के नाम रजिस्टर्ड है। इस संबंध में धौलाना विधानसभा से बसपा विधायक मोहम्मद असलम से बात करने पर उन्होंने बताया कि ब्रेजा कार में उनके पड़ोस में रहने वाला भतीजा मोहम्मद शोएब मौजूद था, जो हाईकोर्ट में अधिवक्ता है। जबकि सेंट्रो कार उनके बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड है। बेटे की कार को कुछ जानकार युवक मांगकर ले गए थे।
विधायक बोले, मेरा नाम सुनते ही टोलकर्मी ने की अभद्रता
विधायक मोहम्मद असलम का कहना है कि भतीजे के पास टोल की पर्ची मौजूद है। डासना में एग्जिट के दौरान भतीजे ने टोल के पैसे देते हुए अपना परिचय उनके भतीजे के रूप में दिया था। विधायक का कहना है कि उनका नाम लेते ही टोल पर मौजूद एक बिरादरी के कर्मचारी ने अभद्रता शुरू कर दी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ।
विधायक मोहम्मद असलम का कहना है कि टोल कर्मचारियों द्वारा आए दिन राहगीरों के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की जाती है। कार की पर्ची कटवाने और उनका नाम लेने के बाद भी टोल कर्मियों ने उनके भतीजे से अभद्रता की। टोल कर्मियों की दबंगई नहीं चलने दी जाएगी। इसके लिए वह एनएचएआई और पुलिस के अधिकारियों से बात कर आगामी रणनीति बनाएंगे।
टोल को लेकर ब्रेजा कार सवार ने विवाद किया था। उसके बाद सेंट्रो सवार युवकों ने मारपीट की। आरोपी धमकी देते हुए बिना टोल दिए चले गए। पुलिस में केस दर्ज करा दिया गया है। आरोपियों के नाम पता नहीं थे, लिहाजा उनकी गाड़ियों के नंबर मुकदमे में दर्ज कराए गए हैं। - नीरज कुमार, मैनेजर, डासना टोल प्लाजा
मेरा नाम लेने के बाद एक टोलकर्मी ने भतीजे से अभद्रता की थी। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। भतीजे ने कार की पर्ची कटवाई थी और टोल देने के लिए सौ रुपये दे दिए थे। मनमानी और गुंडई करने वाले टोल कर्मचारियों को सबक सिखाया जाएगा। - मोहम्मद असलम, बसपा विधायक
टोल मैनेजर की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच पड़ताल शुरू कर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - उमेश पंवार, एसएचओ मसूरी