अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि दिलशाद की बहन ने अपने घर के सामने रहने वाले युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। इस बात से दिलशाद और उसका परिवार खासा नाराज था। बदला लेने की नियत से आरोपी ने अपने परिवार व दोस्तों के साथ मिलकर जीजा के परिवार पर हमला कर दिया। आरोपी ने बहन के देवर, सास और बहन की ननद पर 27 मार्च 2006 में हमला किया। सास व देवर को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया जबकि गर्दन में सरिया से हमला कर ननद को जख्मी कर दिया गया। लोकल पुलिस ने मामला दर्ज कर दिलशाद व अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच अदालत ने दिलशाद व अन्यों को उम्र कैद की सजा सुना दी।
कोविड के दौरान जेल में बंद दिलशाद को 10 मार्च 2021 को पेरोल पर रिहा कर दिया गया, लेकिन बजाए जेल में सरेंडर करने के आरोपी गायब हो गया। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा की टीम उसकी तलाश करती रही। इस बीच टीम को पता चला कि आरोपी गांधी नगर के कैलाश नगर में छिपा है, लेकिन पुलिस को वहां कामयाबी नहीं मिली। काफी जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी यमुना विहार में कहीं छिपकर रह रहा है। पुलिस की एक टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी ऑटो चलाकर अपना गुजारा कर रहा था।