जारचा कोतवाली क्षेत्र के नरौली गांव में आयोजित एक शादी समारोह में दुल्हन ने फेरे के दौरान दूल्हे को ठीक से नहीं चल पाता देख शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन और परिजनों का आरोप है कि युवक दिव्यांग था, लेकिन उसके घरवालों ने बात छुपा ली। काफी विवाद के बाद दुल्हन ने बारात लौटा दी। हालांकि दुल्हन के पिता ने आनन-फानन में दिल्ली से बारात बुलाई और बेटी की शादी दूसरे युवक से हुई।
जानकारी के मुताबिक, बुलंदशहर के गुलावठी-सिरोंधन से बारात नरौली गांव में आई थी। बारात की चढ़त की रस्म हुई और दूल्हा, दुल्हन के घर पहुंचा। फेरे की रस्म के दौरान दुल्हन ने देखा की दूल्हे को चलने में परेशानी हो रही है। इसकी जानकारी दुल्हन ने अपने परिजनों को दी और फेरे लेने से इनकार कर दिया। परिजनों ने दूल्हे का पैर देखा, तो पाया कि वह दिव्यांग है।
इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तना-तनी हो गई कि दूल्हे की इस कमी को क्यों छिपाया गया। करीब तीन घंटे चली गहमा-गहमी के बाद पंचायत हुई और दुल्हन के परिजनों ने शादी करने से इनकार कर दिया। समझौते के तहत दूल्हा और बारात बिना दुल्हन के ही वापस चले गए।
इसके बाद दुल्हन के परिवार ने अपने ही एक दूर के रिश्तेदार के समक्ष पूरी बात रखी और उनसे बारात लाने का आग्रह किया। दिल्ली निवासी परिवार दुल्हन के परिवार की मजबूरी देख बारात लेकर शाम को नरौली पहुंचा और शादी की रस्म अदायगी के बाद दुल्हन की विदाई हुई।