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शहर के आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ा प्रदूषण

Sat, 12 Mar 2016 03:40 AM IST
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा
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वायु प्रदूषण - फोटो : राजन राय/अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा में वायु प्रदूषण का स्तर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो बढ़ती गर्मी, भूजल स्तर का गिरना, बड़े स्तर पर जारी निर्माण कार्य और वाहनों के बढ़ते भार के चलते शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़े भी इसकी पुष्टी करते नजर आते हैं। विभागीय स्तर से शहर में सेक्टर-6 से औद्योगिक और सेक्टर-1 से आवासीय सेक्टरों के प्रदूषण के स्तर की जांच की जाती है।
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वासीय सेक्टरों में जनवरी-2015 में आरएसपीएम का स्तर 136 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। जबकि फरवरी में इसका स्तर 133 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। वहीं, जनवरी 2016 में आरएसपीएम का स्तर 156 और फरवरी में 159 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। बताते चलें कि वातावरण में आरएसपीएम कर मानक स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। मालूम हो कि आरएसपीएम ऐसे सूक्ष्म कण होते हैं जो हमारे शरीर में प्रवेश कर हमारे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।

वहीं, औद्योगिक सेक्टरों में जनवरी 2015 में आरएसपीएम का स्तर 147 माइक्रोग्राम और फरवरी में 148 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। जबकि जनवरी 2016 में यह आंकड़ा 236 और फरवरी में 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया।
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कम नहीं हुआ हिंडन में प्रदूषण

वहीं शहर से गुजरने वाली हिंडन नदी में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। दरअसल, हिंडन में प्रदूषण स्तर दो स्थानों से नापा जाता है। पहला जहां से नदी गाजियाबाद से नोएडा में प्रवेश करती है। यहां पिछले साल छिजारसी में डिजाल्व आक्सीजन की मात्रा शून्य थी।

इस केंद्र पर एक साल बाद  जनवरी-2016 में डीओ के स्तर में कोई बदलाव नहीं दर्ज किया गया। जबकि तिलवाड़ा में डीओ की मात्रा फरवरी-2015 में 1.80 मिलीग्राम प्रति लीटर रही। मालूम हो कि नदी में रहने वाले प्राणियों के लिए इनका मानक करीब 4 के आसपास होना चाहिए।
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