बंटवारे के कगार पर खड़ी आम आदमी पार्टी के नेताओं को फिलहाल 14 अप्रैल की बैठक का इंतजार है। आप के दोनों गुटों की अगली रणनीति बैठक को मिले जनसमर्थन से तय होगी। सूत्र बताते हैं कि योगेंद्र यादव और उनके सहयोगियों की कोशिश है कि बैठक में पार्टी से जुड़े पुराने लोगों की अधिकतम भागीदारी हो। जबकि टीम केजरीवाल की योजना है कि योंगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण समेत उनके सहयोगियों को बैठक से पहले आप से बाहर कर दिया जाए। इससे बैठक की वैधानिकता पर ही सवाल लग जाएगा।
दरअसल, टीम योगेंद्र ने 14 अप्रैल को आप की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई है। इससे साफ हो जाएगा कि पार्टी में कौन किसके साथ है। इसके लिए टीम योगेंद्र परिषद के सदस्यों से संपर्क कर रही है। देश भर से आप के कार्यकर्ता भी बुलाए गए हैं। कोशिश है कि बैठक में परिषद के सदस्यों का बहुमत रहे। इससे आगे की रणनीति उनके हक में होगी।
दूसरी तरफ टीम केजरीवाल की कोशिश है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए टीम योगेंद्र को पार्टी से बाहर कर दिया जाए। सूत्रों की माने तो 14 से पहले इस पर फैसला संभव है। एक बार पार्टी से बाहर कर दिए जाने के बाद इन लोगों के पास राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाने का कोई अधिकार नहीं होगा। वहीं, इसमें आने वाले लोगों पर भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आधार पर कार्रवाई का विकल्प का खुला रहेगा। मुमकिन है कि बैठक में शामिल होने वाले पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सके।