नोएडा बॉटनिकल गार्डन अभी और छोटा होगा। कालिंदी कुंज मेट्रो रूट का पिलर बॉटनिकल गार्डन से होकर गुजरेगा। इस कारण वहां से अभी और जमीन लेने की तैयारी है।
नोएडा प्राधिकरण ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को बॉटनिकल गार्डन के लिए करीब 200 एकड़ जमीन 1997 में आवंटित की थी। इसमें स्वदेशी और विश्व की दुर्लभ वनस्पतियों के प्रजातियों का संकलन किया जाना है। इसके अलावा वनस्पतियों पर रिसर्च के लिए सेंटर, संरक्षण केंद्र, लोगों को जागरूक करने का सेंटर आदि विकसित होना है।
आसपास हो रहे विकास कार्यों के लिए अब तक करीब 36 एकड़ एरिया वापस लिया जा चुका है। बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन और सेक्टर-37 चौक के लेफ्ट टर्न को चौड़ा करने के लिए जमीन ली जा चुकी है। अभी करीब 164 एकड़ जमीन बची है।
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अब कालिंदी कुंज मेट्रो रूट का पिलर बॉटनिकल गार्डन से होकर गुजरेगा। उसके लिए भी जमीन की दरकार है। डीएमआरसी ने इस रूट का अलाइनमेंट तय कर दिया है। प्राधिकरण पिलर के लिए बॉटनिकल गार्डन प्रबंधन से बातचीत कर रहा है।
फाइनल होने के बाद जो जमीन बचेगी उसी को प्राधिकरण व गार्डन प्रबंधन मिलकर विकसित करेंगे। इसका एमओयू तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगा, जबकि गार्डन प्रबंधन पर वनस्पतियों की जिम्मेदारी होगी।