विश्व पुस्तक मेले में भारत रत्न सचिन तेंदुलकर और जर्मन तानाशाह हिटलर की जिंदगी से जुड़े अनछुए पहलुओं को जानने से ज्यादा पाठक पाकिस्तान की बेटी ‘मलाला’ की जीवनी पढ़ना चाहते हैं।
पुस्तक प्रेमियों के बीच मलाला पर आधारित किताबों को खरीदने के क्रेज का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मेले में लाई गईं दोनों किताब की सारी प्रतियां ही खत्म हो गई हैं।
मेले के हॉल नंबर 18 में हिंद पॉकेट बुक्स का स्टॉल लगा है। मेले में प्रकाशक ने पहली बार तीन अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों की जीवनी को उतारा है। तेंदुलकर की जीवनी में कुछ दुर्लभ तस्वीरों सहित उनकी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
फ्रांस की सरकारी लाइब्रेरी संग विशेष अनुबंध के तहत हिटलर की विश्वविख्यात आत्मकथा ‘मीन केंफ’ से हिंदी में अनुवादित ‘मेरा संघर्ष’ को मेले में उतारा है। इसके अलावा मेले में पहली बार ‘दुनिया की महान बेटी मलाला’ की जीवनी को उतारा है।
तीनों पुस्तकों में सबसे अधिक मांग मलाला पर आधारित किताब की है। दो दिन में इसकी दो हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। जबकि एडोल्फ हिटलर की जिवनी की 15 सौ प्रतियां बिकी हैं। जबकि भारत रत्न सचिन तेंदुलकर की दो दिन में एक हजार से अधिक पुस्तकों को खरीदा है।
पाकिस्तानी संग भारतीय मलाला भी हिट
मलाला पर आधारित पुस्तक के संपादक तेजपाल सिंह धामा के मुताबिक, मलाला की डायरी पर आधारित जीवनी के आखिरी पन्नों में भारतीय मलाला के तौर पर मशहूर मेरठ की रजिया को भी शामिल किया गया हैं। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने 10 नवंबर को मलाला दिवस के दिन दो भारतीय समेत सात लड़कियों को यूएन स्पेशल एनवाय फॉर ग्लोबल एजुकेशन यूथ करेज अॅवार्ड फॉर एजुकेशन से सम्मानित किया था, जिसमें रजिया शामिल थी। पुस्तक में रजिया के बारे में भी जानकारी भी दी गई है।