नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेले में हॉल नंबर-3 के स्टॉल संख्या एम-2 पर सावन कृपाल रूहानी मिशन का स्टॉल विशेष रूप से युवाओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है। स्टॉल पर मेडिटेशन, अध्यात्म, ध्यान-अभ्यास के माध्यम से आंतरिक व बाहरी शांति, सदाचारी जीवन, पूर्ण गुरु का महत्व, शाकाहार का महत्व, संतों-महापुरुषों के जीवन चरित्र और बच्चों के लिए प्रेरणादायक पुस्तकों की विस्तृत श्रंखला प्रदर्शित की गई है।
सावन कृपाल प्रकाशन की प्रकाशित संत राजिंदर सिंह जी महाराज की पुस्तकें पाठकों के बीच खास चर्चा का विषय बनी है। इनमें मन का शुद्धिकरण, मंजिले-महबूब, मेडिटेशन एज मेडिकेशन फॉर द सोल, दिव्य चिंगारी, आत्म शक्ति और ध्यान-अभ्यास, अंतरीय व बाह्य शांति प्रमुख है। इसके अलावा बच्चों के लिए लिखी गई टेंडर हैंड्स, टेंडर हार्ट्स और द मैथ ऑफ शेयरिंग जैसी पुस्तकें भी अभिभावकों और बच्चों को आकर्षित कर रही है। संत राजिंदर सिंह जी महाराज एक विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु, ध्यान-अभ्यास के शिक्षक और सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख हैं। उन्होंने अपने जीवन को प्रेम, एकता और शांति के संदेश के प्रसार के लिए समर्पित किया है। मिशन के विश्वभर में 3400 से अधिक केंद्र स्थापित हैं और इसका साहित्य 56 से अधिक भाषाओं में प्रकाशित हो चुका है। यह स्टॉल पुस्तक मेले में आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है।