वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सा हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी (पीएचओ) सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया। सफल प्रत्यारोपण के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई। वह अगले दो महीनों तक कड़ी निगरानी में रहेगा।
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल (एसजेएच) में बाल चिकित्सा हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी (पीएचओ) प्रभाग ने अपना पहला बाल चिकित्सा बोन मैरो प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक आयोजित करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
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पेड्स के एचओडी डॉ. रतन गुप्ता ने बताया कि उच्च जोखिम वाले हॉजकिन लिंफोमा से पीड़ित नौ वर्षीय बच्चे पर यह प्रक्रिया नि:शुल्क की गई। डॉ. प्रशांत प्रभाकर ने प्रत्यारोपण टीम का नेतृत्व किया, कंडीशनिंग कीमोथेरेपी के बाद दो अगस्त को ऑटोलॉगस प्रत्यारोपण किया गया। सफल प्रत्यारोपण के बाद मरीज को सात सितंबर को छुट्टी दे दी गई और वह अगले दो महीनों तक कड़ी निगरानी में रहेगा।