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इसने फैलाई थी गुड़गांव में बम होने की अफवाह

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पुलिस कंट्रोल रूम में बुधवार को फोन करके बम की सूचना और धमकी देने के मामले में गुड़गांव अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार दोपहर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान सन्नी शर्मा पुत्र चंद्रपाल शर्मा निवासी शिव विहार कालोनी दिल्ली के रूप में हुई है।
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वह गुड़गांव के सुशांत लोक स्थित व्यापार केंद्र में एक ड्राई फ्रूट्स की दुकान में सेल्समैन है। पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा किया कि उसने गुड़गांव और दिल्ली में सतर्कता जांचने के लिए फोन किया था।

पुलिस आयुक्त नवदीप विर्क ने बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि सन्नी यहां व्यापार केंद्र में सेल्समैन है। व्यापार केंद्र के बाथरूम में उसे रिलायंस मोबाइल कंपनी का सिम पड़ा मिला था। उसने इसी सिम का प्रयोग करते हुए गुड़गांव पुलिस कंट्रोल रूम के 1090 नंबर पर फोन किया था। फोन करके वह पुलिस की सतर्कता जानना चाहता था।
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पुलिस ने फोन नंबर के आधार पर जांच की तो नंबर ओडिशा का निकला। जिस आईडी पर यह सिम जारी हुआ था, उसने बताया कि उसका सिम खो गया था। ऐसे में पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में परेशानी आ रही थी। बृहस्पतिवार को जब सन्नी ने फिर से उसी नंबर पर दिल्ली व गुड़गांव पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया तो वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बुधवार को पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।

सूचना देने का बाद तमाशा देख रहा था सन्नी

पुलिस कंट्रोल को कॉल करने के बाद आरोपी सन्नी बेफिक्र होकर पुलिस सतर्कता का नजारा देख रहा था। वह उस समय सुशांत लोक स्थित व्यापार केंद्र के बाहर खड़ा था, जब पुलिस व्यापार केंद्र को खाली करा रही थी। पर उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि दुबारा इसी सिम से फोन करने के बाद वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाएगा।

आरोपी सन्नी शर्मा ने सुबह साढ़े नौ बजे दिल्ली पुलिस को फोन करके 40 से 50 जगह बम लगाने की बात कही। उसने डीटीसी बस से लेकर अस्पताल व मेट्रो में बम लगाने की बात कही।

इसी बीच उसने गुड़गांव के साउथ सिटी टू में सेंट्रल आर्केड में बम लगाने की सूचना पुलिस कंट्रोल को दी। फोन करने के बाद उसने सिम कार्ड नष्ट कर दिल्ली में फेंक दिया था।

रिमांड के बाद हो सकेगा खुलासा

पुलिस को कॉल कर मेट्रो स्टेशन समेत चार जगहों पर बम रखे होने की झूठी सूचना देने वाले आरोपी को 24 घंटे के भीतर दबोच कर गुड़गांव पुलिस ने भले ही मामले का खुलासा कर दिया हो पर बहुत सारे ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब भी कमिश्नरी पुलिस को देना होगा। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।

जिस मोबाइल फोन से गुड़गांव व दिल्ली पुलिस को धमकी भरा फोन आता है, वह फोन एक सेल्समैन के पास से आने का पता चलता है। आरोपी सन्नी ने पुलिस को बताया कि व्यापार केंद्र के बाथरूम में सिम कार्ड मिला।

पुलिस के पास अब तक इस बात का जवाब नहीं है कि सिम कार्ड बाथरूम तक कैसे पहुंचा। इसके साथ ही सिम कार्ड गुम होने की सूचना के बाद कमिश्नरी पुलिस इतनी जल्दी आरोपी तक कैसे पहुंची।

फिलहाल पुलिस को अब तक सिम कार्ड नहीं मिला है।  जिस सिम कार्ड से फोन आया था वह व्यापार केंद्र के बाथरूम में कैसे पहुंचा। एक ही दिन पहले गुम हुआ सिम कार्ड आरोपी को मिला और उसने आनन-फानन में पुलिस सतर्कता जांचने की योजना कैसे बना ली। क्या उसने ऐसा पहले भी किया है। इन सारे बिंदुओं पर पुलिस को जवाब तलाशना है।

दिल्ली पुलिस से आगे निकल गई गुड़गांव पुलिस

दिल्ली कंट्रोल रूम में कॉल आने के बाद आरोपी को दबोचने के लिए दिल्ली अपराध शाखा की स्पेशल सेल सक्रिय हो गई थी। इससे पहले कि आरोपी दिल्ली पुलिस के चंगुल में आता, गुड़गांव पुलिस ने व्यापार केंद्र  को घेरकर ड्राई फ्रूट की दुकान में काम करने वाले सन्नी को उठा लिया।

मेट्रो प्रशासन कमजोर बना रहा

बुधवार को जब हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर जैसे ही बम की अफवाह फैली, डीएमआरसी सेवा प्रभावित होने लगी। ऐसा किस कारण से हुआ, इसकी जानकारी डीएमआरसी को काफी देर से हो सकी।

शाम चार बजे डीएमआरसी मेट्रो सर्विस की गति धीमी पड़ गई। जहांगीरपुरी लाइन पर आने वाले मेट्रो को राजीव चौक और नई दिल्ली पर रोकनी पड़ी। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जब बुधवार को डीएमआरसी के मीडिया अधिकारियों से बात की गई कि उनका कहना था कि पुलिस ने हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन को बंद करने का आदेश दिया है।

मगर यह आदेश किस कारण से दिया है, इसके बारे में काफी देर तक वह अनजान बनी रही। डीएमआरसी के मीडिया अधिकारी हिग्मांशु ने जब बुधवार को पूछा गया कि बम की सूचना मॉक ड्रिल है या वास्तव में धमकी मिली है। इसके बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं थी।

हुडा सिटी सेंटर पर भले ही बम होने की घटना अफवाह निकली हो मगर उसके सुरक्षा तंत्र की इससे पोल खुल गई। हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर कोई भी आसानी से टिकट विंडो सहित मेट्रो परिसर के अन्य स्थानों पर बम रख सकता है।

टिकट विंडो सहित मेट्रो स्टेशन के साउथ और नॉर्थ विंग में कोई भी बिना जांच के प्रवेश कर सकता है। वहीं फूड कोर्ट जैसे स्थान से अंदर होते हुए मेट्रो में प्रवेश कर सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से इन स्थानों पर भी जांच होनी चाहिए। वहीं हुडा सिटी सेंटर मेट्रो परिसर स्टेशन पर डेकोरेशन का काम चल रहा है। इस काम में काफी श्रमिक लगे हैं। उनकी भी किसी प्रकार की जांच शायद ही होती हो।
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एक और बम की सूचना से हड़कंप

एक दिन पहले बम की सूचना से गुड़गांव पुलिस निपट नहीं पायी थी कि उसे दुबारा साउथ सिटी में बम होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने भवन खाली कराने के बाद जांच पूरी की।

पुलिस कंट्रोल रुम में बृहस्पतिवार की सुबह 9बजकर 23 मिनट 30 सेंकेड पर साउथ सिटी के सेंट्रल आर्केड में बम लगाने की सूचना मिली। घटना की जानकारी के बाद पुलिस टीम व बम निरोधी दस्ता मौके पर पहुंचा।

पुलिस ने उस रुट से आने वाले वाहनों का डाइवर्ट कर पूरे मॉल को खाली करा लिया। पूरे परिसर की सघन जांच करने के बाद पुलिस ने एक बज कर 25 मिनट पर कहा कि यहां पर कोई बम नहीं है।

गौरतलब है कि इस बार भी कॉल उसी मोबाइल नंबर से की गई जिस नंबर से कॉल बुधवार को व्यापार केन्द्र और हुडा सिटी सेंटर को उड़ाने के लिए की गई थी। इसी बीच पुलिस ने छानबीन के दौरान यह तय कर लिया कि काल करने वाले की बात में दम कम है कल की तरह कुछ नहीं मिलेगा। जिसके चलते पुलिस की ओर से शिथिलता भी दिखी।
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