11 दिन पहले दोपहर को बरामदे से लापता हुए आठ माह के मासूम का शव घर की अनाज की टंकी में छिपा कर रखा गया था। शव से बदबू आनेे पर उसे प्लास्टिक की बोरे में लपेट कर घर के बाहर दीवार के पास रख दिया गया।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। बुधवार सुबह परिजनों ने ही शव पड़े होने की सूचना पुलिस की दी थी। पुलिस पूछताछ में मां ने चारपाई से गिरकर मासूम की मौत होने की बात कही है। उसने परिजनों और पुलिस के डर से बेटे का शव घर में ही छुपाने की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस मां की बातों को मानने से इंकार कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस के मुताबिक 11 अगस्त को गोपालगढ़ निवासी रोहताश की पत्नी हेमा और उसका आठ माह का बेटा दीपक घर पर थे। परिवार के बाकी सदस्य गांव में आयोजित भागवत कथा सुनने गए हुए थे।
परिजनों के मुताबिक रोहताश की पत्नी बच्चे को चारपाई पर लिटाकर मवेशियों को चारा डालने के लिए गई थी। लौटकर वापस आई तो बच्चा वहां नहीं था। जिसके बाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक घर की जांच के दौरान अनाज की टंकी के पास ऐसे साक्ष्य मिले हैं। जिससे लगता है कि बच्चे का शव वहां छिपाया गया था।