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Delhi NCR News: जमींदोज मकान के मलबे में दूसरे दिन ठेकेदार बाप और बेटे का शव

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हर्ष विहार के मिलन गार्डन में रविवार की शाम गिर गया था निर्माणाधीन मकान
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-पुलिस ने मकान गिरने के मामले में लापरवाही से मौत का मामला किया दर्ज
-मकान मालिक से की जा रही पूछताछ, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा
-सोमवार दोपहर बाद तक चला मलबा हटाने का काम
-रविवार को मकान मालिक ने दो लोगों के दबे होने की आशंका की थी जाहिर
-शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना पुराना मकान लेंटर का वजन नहीं कर पाय सहन और हुआ जमींदोज
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन इलाके में रविवार शाम जमींदोज हुए मकान के मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार की सुबह मलबे से शटरिंग ठेकेदार व उनके बेटे का शव निकाला गया। बाद में शवों को कब्जे में लेकर एंबुलेंस की मदद से जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। मृतकों की शिनाख्त हर्ष विहार निवासी चंद्रपाल (60) और इनके बेटे विजय कुमार (39) के रूप में हुई है। रविवार शाम को पहली मंजिल का लेंटर डलने के बाद दोनों पिता-पुत्र शटरिंग की जांच करने पहली मंजिल पर गए थे। इसी दौरान वह हादसे के शिकार हो गए। रातभर इनके परिजन हादसे वाले मकान के बाहर डेरा डाले रहे। इस बीच घटनास्थल से मलबा हटाने का काम सोमवार दोपहर बाद भी जारी रहा, हालांकि अब इमारत में किसी और के दबे होने की आशंका नहीं है। पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए, एमसीडी और सिविल डिफेंस की टीम बचाव कार्य में जुटे रहे। आशंका है कि पुराना मकान नए डाले गए लेंटर का वजन सहन नहीं कर सका और जमींदोज हो गया।
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पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है। मकान मालिक से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद पिता-पुत्र दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करा दिया। देर रात को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि हादसा रविवार शाम करीब 6.46 बजे ए-6, मिलन गार्डन, हर्ष विहार सेवाधाम रोड पर हुआ। यहां मनोज कुमार नामक शख्स का करीब 200 गज का मकान बना था। ग्राउंड फ्लोर को गोदाम के लिए इस्तेमाल हो रहा था। पिछले कुछ दिनों से मनोज कुमार मकान की पहली मंजिल का निर्माण करवा रहे थे। शटरिंग के बाद रविवार सुबह लेंटर डालने का काम शुरू हुआ। शाम 5 बजे काम समाप्त भी हो गया। इस बीच लेबर के जाने के कुछ ही देर बाद मकान भरभराकर गिर गया। उस समय चंद्रपाल और इनका बेटा पहली मंजिल पर मौजूद थे। सूचना मिलने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा। मकान कुछ इस तरह गिरा था कि उसकी साइड और सामने की दीवार खड़ी रह गई थी। बचाव दल को काम शुरू करने के लिए जेसीबी की मदद से पहले इस दीवार को तोड़ना पड़ा। इसके बाद रेस्क्यू का काम शुरू हुआ। सुबह करीब 8.15 बजे चंद्रपाल का शव निकाला गया। इसके बाद 8.35 बजे खून से लथपथ विजय का शव निकाला गया। मौके पर बचाव दल के अलावा कैट्स की एंबुलेंस भी मौजूद रही। पिता-पुत्र की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार ने मकान मालिक पर काम के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
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