हादसे के वक्त कार में महिला समेत थे चार लोग
38 साल की गगनप्रीत ने बताया कि वह अपने पति परीक्षित मक्कड़, दो बच्चों के साथ गुरुग्राम में रहती हैं। घटना के समय वह अपने पति, दो बच्चों 6 साल की बेटी, 4 साल का बेटा और नौकरानी के साथ अपने घर जा रही थी। इसी बीच पोर्टर वैन चालक गुलफाम ने अपनी वैन रोक दी। उसने बताया कि लोगों ने मृतक और उसकी पत्नी को गाड़ी में बिठाया। बाद में आगे की सीट पर वह बैठ गई और उसे आजादपुर के अस्पताल चलने के लिए कहा।
बताया क्यों ले गई इलाज के लिए इतनी दूर
घायलों को पास के अस्पताल में ले जाने के बजाए इतनी दूर अस्पताल में ले जाने के बाबत पूछे जाने पर महिला ने बताया कि वह काफी घबराई हुई थी। उसे केवल इसी अस्पताल के बारे में पता था। उसने बताया कि कोविड के दौरान उसके बच्चे की तबीयत खराब होने पर किसी अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं किया था। तब इसी अस्पताल में उसने बच्चे को भर्ती कराया था।
अस्पताल में पिता की हिस्सेदारी
हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि इस अस्पताल में उसके पिता की भी हिस्सेदारी है। जिसकी वजह से महिला की अस्पताल में जान पहचान थी। इसलिए वह नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को इतनी दूर इलाज के लिए ले गई।
महिला के खून के नमूने लिए गए
पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला अपने पति के कारोबार में उसकी मदद करती है। पुलिस ने उसके खून के नमूने लिए हैं। जिससे पता चल सके कि घटना के समय महिला नशे में थी या नहीं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस को खून के नमूने की रिपोर्ट का इंतजार है।