मेरठ एक्सप्रेसवे के 9 मीटर ऊपर से डीएमआरसी की ब्लू लाइन मेट्रो निकलेगी। इसके लिए निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर पहले से ही मेट्रो का पिलर बनाकर रास्ता दिया जा रहा है। ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो, लिहाजा इसकी पहले से ही तैयारी की जा रही है।
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से इंदिरापुरम की ओर प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए एक पिलर बनाया जा रहा है। इसका काम मेट्रो कर रही है। यह पिलर एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर है, जो 4.5 मीटर लंबा, 2.5 मीटर चौड़ा और 9 मीटर ऊंचा है। इसका काम 15 अप्रैल से शुरू हुआ है और यह जुलाई के पहले सप्ताह तक बनकर तैयार हो जाएगा।
एक्सप्रेसवे निर्माण के साथ ही बन जाएगा पिलर
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि मोहन नगर तक मेट्रो के लिए एक कॉरिडोर प्रस्तावित है। लिहाजा यह एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरेगी। यही वजह है कि एक्सप्रेसवे पर बनने वाले पिलर का काम शुरू हो गया है। अगर यह पहले बन जाता है तो बाद में एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था बहाली में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। मेट्रो कॉरिडोर के लिए काम शुरू होने पर केवल यू-गार्डर लगाने का काम ही बचेगा।
ब्लू और रेड लाइन आपस में जुड़ेंगी
नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहन नगर तक मेट्रो बनने के बाद ब्लू और रेड लाइन मेट्रो गाजियाबाद में आपस में जुड़ जाएंगी। इससे लाखों यात्रियों को फायदा होगा। चूंकि दोनों की लाइनें काफी लंबी हैं और एनसीआर में इसके एक दूसरे से जुड़ने से भविष्य में लोगों को आवाजाही में आसानी होगी।
कॉरिडोर पर होंगे छह स्टेशन
इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से आगे बढ़ती हुई मेट्रो वैभव खंड, इंदिरापुरम, शक्तिखंड, वसुंधरा, साहिबाबाद होती हुई मोहन नगर तक जाएगी। यहां यह रेड लाइन कॉरिडोर से जुड़ जाएगी। इससे यात्रियों को रेड लाइन मेट्रो के सहारे आगे जाने में आसानी होगी।
निर्माणाधीन मेरठ एक्सप्रेसवे पर मेट्रो का पिलर भी बन रहा है। यह जुलाई के पहले सप्ताह तक बनकर तैयार हो जाएगा। भविष्य में मेरठ एक्सप्रेसवे के संचालन में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए मेट्रो के पिलर का काम भी साथ-साथ हो रहा है। पिलर का काम मेट्रो करा रही है। - आरपी सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई