यूपी के सीतापुर से चार साल से लापता नेत्रहीन युवक शुक्रवार को नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास परिजनों को भीख मांगते मिला।
चार साल पूर्व गांव में झगड़ा होने पर दूसरे पक्ष के तीन दबंग नेत्रहीन युवक को अगवा कर गाजियाबाद में छोड़ गए थे।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने स्टेशन के पास रहने वाली वृद्ध महिला पर युवक को बंधक बनाकर रखने और जबरन भीख मंगवाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। पुलिस आरोपी वृद्धा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
दिनभर मांगनी पड़ती थी भीख
सीतापुर के नरसोही निवासी प्रकाश ने बताया कि उनका भाई रमेश (18) चार साल पहले गांव से लापता हो गया था। दो दिन पूर्व गाजियाबाद से किसी व्यक्ति ने फोन करके उन्हें रमेश के गाजियाबाद में होने की सूचना दी थी।
फोन पर रमेश ने खुद भी बात की और परिजनों को बताया कि उसे एक वृद्धा ने नया गाजियाबाद स्टेशन के पास ही बंधक बनाकर रखा है। रेलवे फाटक के पास सुबह ही उसे बैठा दिया जाता है, जहां वह दिन भर भीख मांगता है।
प्रकाश ने बताया कि छोटे भाई की सूचना मिलते ही वह परिजनों के साथ गाजियाबाद आया और सीधे सिहानी गेट थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन फाटक के पास भीख मांगते हुए रमेश को बरामद कर लिया। पुलिस ने पास ही बनी एक झुग्गी से आरोपी वृद्धा को भी हिरासत में ले लिया।
कई दिनों तक रहा साधु के साथ
नेत्रहीन रमेश ने पुलिस को बताया कि चार साल पूर्व उनका गांव में ही दबंगई करने वाले युवकों से झगड़ा हो गया था। इसी के चलते दबंग उसे गांव से उठा लाए और गाजियाबाद में लाकर छोड़ दिया।
यहां उसे एक साधु मिला। तीन-चार दिनों तक वह साधु के साथ रहा। इसके बाद साधु उसे वृद्धा के हवाले करके कहीं चला गया। तभी से वह वृद्धा के साथ ही रहता था।
रमेश ने पुलिस को बताया कि वह परिजनों से फोन पर बात करने का प्रयास करता था, मगर वृद्धा को जैसे ही इसका पता चलता वह उससे मारपीट करने लगती। इसके बाद कई-कई दिन तक उसे रोटी भी नहीं देती थी।
बना दिया जाता था मुस्लिम
सीओ अतुल यादव ने बताया कि आरोपी वृद्धा कानपुर निवासी कमला (65) है। तीन बेटियों की शादी कर वह पुल के नीचे अस्थाई मकान बनाकर रहती है।
कविनगर थाना क्षेत्र का मामला होने के कारण पीड़ित और आरोपी पक्ष को थाने भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रमेश ने बताया कि रमजान के महीने में वृद्धा उसे मुस्लिम बनाकर मस्जिद के पास लेकर जाती थी। रमजान के पाक महीने में हजारों रुपये एकत्र करता था। आरोपी वृद्धा सारे पैसे हड़प लेती थी।
भिखारी गैंग में और भी हैं बच्चे!
रमेश ने बताया वृद्धा के पास और भी कई बच्चे हैं, जिनसे वह भीख मंगवाती है। रेलवे स्टेशन पर फाटक बंद होने पर सभी बच्चे काम में लग जाते हैं। दो ट्रेन के गुजर जाने पर लोगों से एकत्र पैसों को सभी बच्चे महिला को देते थे।
वृद्धा के चंगुल से मुक्त हुए रमेश ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहे, फाटक, मंदिरों पर अलग-अलग गिरोह का हक है। एक गिरोह का सदस्य दूसरे के क्षेत्र में जाकर भीख नहीं मांग सकता है।