जहां एक ओर दिल्ली में 'आप' आए दिन नई-नई परेशानियों का सामना कर रही है वहीं बंगाल की आप ईकाई ने पार्टी को तगड़ा झटका दिया है।
एक ओर तो अरविंद केजरीवाल रुठे हुए नेताओं को मनाने में लगे हैं वहीं योगेंद्र यादव से उनकी सारी अनबन जग-जाहिर हो गई। पार्टी रोज किसी न किसी बड़े नेता के इस्तीफे को लेकर सफाई देती फिर रही है वहीं पश्चिम बंगाल में तो पूरी की आप ईकाई ही पार्टी का साथ छोड़ गई है।
इस तगड़े झटके के बाद कह पाना मुश्किल है कि आप का भविष्य कितना सुरक्षित है। पार्टी न अपने बड़े नेताओं को संतुष्ट कर पा रही है और न ही जनता को। शायद यही कारण है कि आप की पश्चिम बंगाल ईकाई ने पार्टी को गुडबाय कह दिया है।