जहां एक ओर दिल्ली में 'आप' आए दिन नई-नई परेशानियों का सामना कर रही है वहीं बंगाल की आप ईकाई ने पार्टी को तगड़ा झटका दिया है।
एक ओर तो अरविंद केजरीवाल रुठे हुए नेताओं को मनाने में लगे हैं वहीं योगेंद्र यादव से उनकी सारी अनबन जग-जाहिर हो गई। पार्टी रोज किसी न किसी बड़े नेता के इस्तीफे को लेकर सफाई देती फिर रही है वहीं पश्चिम बंगाल में तो पूरी की आप ईकाई ही पार्टी का साथ छोड़ गई है।
इस तगड़े झटके के बाद कह पाना मुश्किल है कि आप का भविष्य कितना सुरक्षित है। पार्टी न अपने बड़े नेताओं को संतुष्ट कर पा रही है और न ही जनता को। शायद यही कारण है कि आप की पश्चिम बंगाल ईकाई ने पार्टी को गुडबाय कह दिया है।
बंगाल 'आप' ने भाजपा से मिलाए हाथ
भाजपा की शानदार जीत से प्रभावित होकर आप की पश्चिम बंगाल की पूरी ईकाई शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गई। वहीं खबरें हैं कि एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं।
इस संबंध में पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने बताया कि प्रदेश की पूरी आप ईकाई बीजेपी में शामिल होने का कारण त्रिणमूल कांग्रेस है। वो हमारे साथ मिलकर त्रिणमूल कांग्रेस के विरुद्ध लड़ना चाहते हैं।
वहीं आप के अमित कुमार ने कहा कि बंगाल में केवल बीजेपी है जो आम जनता के लिए खड़ी रहती है। सिन्हा ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रदीप घोष भी अगले कुछ दिनों में भाजपा में शामिल होंगे। इस बात की पुष्टि खुद प्रदीप घोष ने की है।
लोकसभा चुनाव में जमानत हो गई थी जब्त
आप की बंगाल ईकाई के भाजपा में विलय का त्रिणमूल कांग्रेस के विरूद्ध संघर्ष के अलावा भी एक कारण है। जानकार बता रहे हैं कि इसकी मुख्य वजह ये है कि पार्टी ने बंगाल में लोकसभा चुनाव के दौरान चार उम्मीदवार खड़े किए थे।
ये चारों के चारों ही बुरी तरह चुनाव हार गए और इनके लिए अपनी जमानत तक बचाना मुश्किल हो गया। चुनाव में जमानत जब्त हो जाने के बाद ही इन चारों ने भाजपा में शामिल होने की बात सोची और शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की पूरी आप ईकाई ने भाजपा ज्वाइन कर लिया।