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ये तीन मिलें, तो बन जाएगी दिल्ली में भाजपा की सरकार!

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दिल्ली में 49 दिनों तक शासन करने वाली केजरीवाल सरकार के इस्तीफे के बाद सुनसान हुई दिल्ली विधानसभा में एक बार फिर रौनक लौट सकती है।
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देशभर में लोकसभा का चुनावी रण जहां थमने वाला है वहीं, दिल्ली में एक बार फिर चुनाव होने की संभावनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ और गुणा-गणित लगाना शुरू कर दिया है।

16 मई को लोकसभा चुनावों की मतगणना के बाद दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाने का दावा कर सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुल 32 विधायकों वाली बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाएगी तो कैसे? ये तीन नेता उसके लिए तुरुप के इक्के बन सकते हैं।
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शौकीन से मिलेगी मदद?

कुल 70 विधायकों वाली दिल्ली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को 36 विधायकों की जरूरत पड़ेगी, लेकिन एक तरीका ऐसा ‌है, जिससे 35 विधायकों के बल पर भी बीजेपी अपनी सरकार बना सकती है।

दिल्ली में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को आम आदमी पार्टी के किसी भी विधायक को अपने पाले में शामिल करने की जरूरत नहीं पड़ने वाली।

बीजेपी के पहले तुरुप के इक्के के तौर पर मुंडका (नॉर्थ ईस्ट) से निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन का नाम सबसे आगे है। बीजेपी अगर शौकीन को अपने साथ आने को राजी कर लेती है, तो सरकार बनाने की राह थोड़ी आसान हो जाएगी।

ये होगा बीजेपी का 'संकटमोचक इक्का'!

आम आदमी पार्टी के बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी भी बीजेपी के लिए बड़े संकटमोचक बन सकते हैं। आम आदमी पार्टी से निकालने के बाद बिन्नी को विधानसभा में वोट देने का अधिकार नहीं था, लेकिन इस मामले में बिन्नी ने कोर्ट का रुख किया और उन्हें स्टे मिल गया।

ऐसे में अब बिन्नी जिसे चाहें वोट कर सकते हैं। बिन्नी आसानी से बीजेपी में शामिल भी हो सकते हैं, इसलिए कोई खास मुश्किल नहीं आने वाली।

बिन्नी का साथ मिलने से बीजेपी के विधायकों की संख्या 34 हो जाएगी और उसे विरोधी दलों से बराबरी के लिए एक आखिरी मोहरे की जरूरत पड़ेगी।

BJP का सबसे खास तीसरा इक्‍का

अगर बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाती है, तो उसके लिए सबसे बड़ा मोहरा बन सकते हैं जेडीयू विधायक शोएब इकबाल। शोएब ने आम आदमी पार्टी की सरकार को भी अपना समर्थन दिया था।

हालांकि नेशनल लेवल पर जेडीयू और बीजेपी का मनमुटाव हो चुका है, लेकिन दिल्ली के लिहाज से शोएब का बीजेपी से मिलना बहुत आसान है। इसके पीछे बड़ी वजह यह भी है कि शोएब कई बार बीजेपी से अंदर-बाहर हो चुके हैं।

शोएब इकबाल के मिलने से बीजेपी के विधायकों की संख्या 35 हो जाएगी। इतने विधायकों को साथ लेकर ‌बीजेपी अपनी सरकार बनाने का दावा ठोंक सकती है, लेकिन इस मामले में आम आदमी पार्टी का भी अहम रोल होगा। क्योंकि बिना 'आप' की मर्जी के बीजेपी सरकार नहीं बना पाएगी।

तो कुछ यूं होगी दिल्ली विधानसभा

दरअसल, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के पास कुल 27 सीटें हैं और अगर कांग्रेस की भी 8 सीटें मिला दी जाएं तो इनकी कुल संख्या 35 होती है।

अब अगर बीजेपी सरकार बनाना चाहती है तो वह विधानसभा अध्यक्ष का पद आम आदमी पार्टी के पास ही रहने दे। ऐसे में वोटिंग के समय बीजेपी के 35 सदस्य होंगे और विपक्ष में कुल 34 सदस्य ही बचेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष तब वोट डालेगा जब दोनों पक्षों में समान मत पड़ें। हालांकि ऐसी परिस्थिति कम ही बनेगी।
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सरकार बनी तो बदलेंगे समीकरण

दिल्ली में बीजेपी की इस जोड़तोड़ वाली सरकार बनने से विधानसभा में राजनीतिक स्थिरता का दावा तो नहीं किया जा सकता, लेकिन सूनी पड़ी असेंबली में थोड़ी रौनक जरूर लौटेगी।

साथ ही एक बार सरकार बनने के बाद आगे भी राजनीतिक समीकरण बनाए जा सकते हैं जोकि बीजेपी के लिए खास मुश्किल नहीं होगी।

हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को बीजेपी को मिलकर सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश देते हुए जवाब मांगा था। आम आदमी पार्टी ने भी राष्ट्रपति शासन के खिलाफ अपील दायर कर रखी है।
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