भाजपा ने बसपा और निर्दलीय पार्षद से गठजोड़ कर उत्तरी दिल्ली नगर निगम की नरेला क्षेत्र वार्ड समिति पर कब्जा कर लिया। समिति के अध्यक्ष एवं स्थायी समिति के सदस्य के पद पर भाजपा के पार्षदों ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों को मात दी, जबकि भाजपा ने समिति के उपाध्यक्ष पद पर आप के सहयोग से चुनावी मैदान में उतरे बसपा के पार्षद को जिता दिया। भाजपा ने चुनाव से कुछ समय पहले उपाध्यक्ष पद से अपना उम्मीदवार हटा लिया।
केंद्र एवं राज्यों की भांति विपक्ष को खत्म करने का फार्मूला भाजपा ने बृहस्पतिवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम में भी अपना लिया। नरेला वार्ड समिति में अल्पमत में होने के बावजूद भाजपा ने अध्यक्ष एवं स्थायी समिति के सदस्य के पद पर जीत दर्ज कर ली।
दरअसल भाजपा ने आप के सहयोग से समिति के उपाध्यक्ष पद पर नामांकन दाखिल करने वाले बसपा के जयभगवान को चुनाव से पहले अपने पक्ष में कर लिया। समिति के अध्यक्ष एवं स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव में जयभगवान ने भाजपा पार्षदों के पक्ष में वोट दे दिया।
अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार सुमित चौहान को अपने 10 पार्षदों के अलावा बसपा पार्षद का वोट मिला, जबकि आप उम्मीदवार रीना देवी को अपने चार पार्षदों के अलावा एक निर्दलीय और छह मनोनीत सदस्यों के वोट मिले। दोनों पक्षों के वोट बराबर होने पर टॉस में भाजपा पार्षद ने बाजी मार ली।
वहीं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा के जयभगवान के सामने भाजपा ने पार्षद निशा मान का नामांकन वापस ले लिया। इसके चलते वह निर्विरोध चुन लिए गए। स्थायी समिति के सदस्य के चुनाव में आप पार्षद अनिल लाकड़ा को निर्दलीय पार्षद ने भी वोट नहीं दिया। उसने भाजपा के पार्षद आनंद सिंह को वोट दे दिया। इस कारण आप पार्षद दो मतों से हार गए।