उन्होंने आगे कहा, '' यह खिलाड़ियों, युवा और तिरंगे का अपमान है। चाहे वह स्टेडियम हो या जंग का मैदान, लोग हमेशा तिरंगे के सम्मान के लिए लड़ते हैं। कुश्ती खिलाड़ी दिव्या काकरान से पूछना कि वे कहां से हैं...। और सीएम केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज को मना भी नहीं किया।''
पुराना वाकया बताया
उन्होंने आगे कहा, ''जिन खिलाड़ियों ने तिरंगे के सम्मान के लिए अपना जी जान लगाने का काम किया, उनको प्रांतों में बांटकर अपमानित करने का दुस्साहस आम आदमी पार्टी करती है। दिव्या काकरान जी ने 2018 में भी जब देश का मान, सम्मान बढ़ाने के कार्य किए थे, तब दिल्ली के मुख्यमंत्री जी ने उनके लिए एक प्रोग्राम आयोजित किया था। उसमें दिव्या जी ने मुख्यमंत्री जी के समक्ष कहा कि जब हम मेडल जीत जाते हैं तो बधाई मिल जाती है और जब हमें सहायता की जरूरत होती है तो आप तो फोन भी नहीं उठाते हैं।''
शहजाद जयहिंद ने इसके साथ दो तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिनमें एक दिव्या द्वारा पोस्ट की गई सर्टिफिकेट की तस्वीर है, जो उन्होंने दिल्ली की तरफ से खेलते हुए जीती। दूसरी तस्वीर 2018 की है, जो आम आदमी पार्टी के अपने ट्विटर हैंडल की पोस्ट का स्क्रीनशॉट है जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिव्या के दिल्ली आवास पर जाकर उनसे मिल रहे हैं।
ये था मामला
दरअसल, दिव्या काकरान के कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कांस्य पदक जीतने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बधाई दी थी। दिव्या ने उनसे मदद के लिए निवेदन करते हुए कहा था कि वे दिल्ली के लिए खेलती हैं तो उनकी मदद की जाए। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने उन्हें यूपी का बताया था, जिसके बाद दिव्या ने अपने सर्टिफिकेट पोस्ट करते हुए कहा था कि वे 2011 से 2017 तक दिल्ली के लिए खेली हैं।