विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सस्ती लोकप्रियता का नाटक करते है। नामांकन करने का उनका कोई इरादा नहीं था। रोड शो करके वह महज अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाना चाह रहे थे। तीन बजे तक रिटर्निंग आफिसर के दफ्तर जानबूझकर नहीं पहुंचे और नामांकन दाखिल नहीं किया।
2015 में भी नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए यही नाटक किया गया था। जो नेता अपने आपको इतने अनुशासन में भी नहीं रख सकता कि वह नामांकन दाखिल करने के लिए समय पर पहुंचे उससे शासन, सुशासन और अनुशासन बनाये रखने की उम्मीद करना बेमानी है। मंगलवार को चुपचाप नामांकन दाखिल करेंगे। यह उनका निर्धारित पैटर्न है।
उधर, राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा। प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार विफल साबित हुई है। प्रदूषण पर उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि वह बताए कि प्रदूषण कम करने के लिए क्या काम किए। दिल्ली की सड़को पर 11 हजार बस की जरूरत है। लेकिन 100 नई बसे तक नहीं बेड़े में शामिल हुई।
अस्पतालों में 30,000 बेड देने का वादा किया 300 बेड भी नहीं लगा पाए। सरकारी अस्पतालों में 400 वेंटिलेटर है जिनमें से 50 काम नहीं करते है। 900 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की बात की लेकिन एक भी नहीं खोला गया।