राजधानी में बिजली दरों में बढ़ोतरी राजनीतिक रंग लेने लगी है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार को घेरने में जुटी है। बृहस्पतिवार को भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के निवास स्थान के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि मुफ्त बिजली देने के नाम पर सरकार गुमराह कर रही है और पिछले दरवाजे से बिजली दर बढ़ा रही है।
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बिजली कंपनियों के माध्यम से दिल्लीवासियों की जेब ढीली करवा रहे हैं। मुफ्त बिजली देने के नाम पर लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि ये बिजली कंपनियां चोर हैं, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मिली हुई हैं, आप की सरकार उन्हें जेल भेजेगी, जबकि अब वह खुद बिजली कंपनियों के संरक्षक बन गए हैं।
पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट के नाम पर 6 प्रतिशत बिजली दरों में बढ़ोतरी दिखाई गई है, जबकि यह वृदि्ध 12 प्रतिशत है। एक विशेष वर्ग बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों जिसमें ओखला, सीलमपुर, मटिया महल, बल्लीमारान, मुस्तफाबाद आता है, वहां बिजली चोरी की खुली छूट है।
बढ़ी बिजली दरों के विरोध में सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शन करेगी भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार द्वारा बिजली दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के खिलाफ सभी विधानसभा में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 19 जुलाई को सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सरकार के नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इस आशय की घोषणा प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित पार्टी सांसदों, विधायकों व पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने की।
मीडिया से रूबरू होते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली की जनता पहले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुफ्त वाली राजनीति के झांसे में आकर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। सरकार ने अब अपनी जेब भरने के लिए निजी कंपनियों के साथ मिलकर जनता कीजेबों पर डाका डालने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा कि पहले से ही दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के घरों में हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं और अब 6 फीसदी बिजली दर बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ने का इंतजाम कर लिया है। दिल्ली की जनता को इससे बड़ा झटका और क्या हो सकता है कि फिक्स चार्ज के नाम पर पूर्व में 30 रुपये लिए जाते थे, उन्हें बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया गया है।