आखिरकार राममंदिर का मुद्दा दिल्ली के चुनाव में बाहर आ ही गया। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने शुकवार को पूर्वी दिल्ली स्थित सोनिया विहार के एक जनसभा में कहा जहां भगवान राम का जन्म हुआ है मंदिर वही बनेगा। उन्होंने दिल्ली की जनता से मुखातिब होते हुए कहा कि अगले कुछ महीने में आप अयोध्या में रामलला के मंदिर में दर्शन भी कर सकेंगे।
शाह ने कहा कि हर भारतीय चाहता था कि जहां प्रभू श्रीराम का जन्म हुआ है वहीं राम मंदिर बने। इसलिए भाजपा जो कहती है वही करती भी है। शाह ने सोनिया विहार में आयोजित जनसभा में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी राम मंदिर का कोर्ट में केस चलता था तो कांग्रेस पार्टी के वकील कपिल सिब्बल केस चलने नहीं देते थे।
दूसरी बार जब केंद्र में मोदी जी प्रधानमंत्री बने, सुप्रीम कोर्ट मे केस चला और पांच जजों ने कह दिया कि उसी स्थान पर मंदिर बनेगा जहां प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ। अमित शाह ने इस सभा में राम मंदिर के लिए जय श्रीराम का नारा भी लगवाया।
राममंदिर के बाद शाह ने टुकड़े टुकड़े गैंग को समर्थन देने का आरोप आम आदमी पार्टी पर मढ़ा। कहा कि जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने वाले को जेल में मोदी जी ने डाल दिया। अब उनकों सजा कराने के लिए दिल्ली सरकार आदेश नहीं दे रही है। अगर केजरीवाल वोट मांगने आए तो उनसे कहना कि पहले टुकड़े-टुकड़े गैंग को सजा दिलवाओ।
शाह ने कांग्रेस व आप पर दंगा कराने का भी आरोप मढ़ा। कहा कि दंगा कराने वालों के हाथ में दिल्ली सुरक्षित नहीं है। शरणार्थियों को नागरिकता देने का विरोध कर रहे है। अल्पसंख्यकों को भड़का कर दंगा कराया है। कहते है कि शाहीन बाग के लोगों के साथ है। सत्ता भोगने के लिए आए है। ना तो शुद्ध पानी दे सकते है ना अनधिकृत कॉलोनी को अधिकृत करा सकते है, बच्चों का स्कूल भी ठीक नहीं करा सकते। वोट बैंक की लालच में देश की सुरक्षा, देश के सम्मान, देश के जवानों के सम्मान के साथ खिलवाड़कर रहे है।
सिख दंगों पर कहा कि जो लोग दंगा कराने वाले थे उन्हें ही कोतवाल बना दिया गया। शाह ने फ्री वाई-फाई, स्कूल-कॉलेज बनाने के वादे समेत कई मुद्दे पर भी घेरा।